रामलला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला का दर्शन करके मत्था टेकेंगे।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कोविंद रविवार सुबह विशेष ट्रेन से अयोध्या आएंगे और श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला का दर्शन करके मत्था भी टेकेंगे। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन से सुरक्षा की निगरानी की जाएगी। रामलला के दर्शन-पूजन के साथ राष्ट्रपति रामायण कॉन्क्लेव का शुभारंभ भी करेंगे। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी अगवानी करेंगे।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का अयोध्या आगमन को लेकर अयोध्या रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था तथा व्यवस्थाओं को लेकर मंडलीय रेल प्रबंधक ने भी बड़ी बारीकी से निरीक्षण किया है। राष्ट्रपति लखनऊ से अयोध्या प्रेसीडेंसियल ट्रेन से आएंगे और यहां वे चार घंटे के निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने के उपरान्त लखनऊ उसी ट्रेन से वापस जाएंगे। राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए मंडल के रेल प्रबंधक उत्तर रेलवे डीआरएम अपने रेल अधिकारियों की पूरी टीम के साथ अयोध्या रेलवे स्टेशन का भ्रमण किया।

अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडेय अपनी पूरी प्रशासनिक टीम के साथ रेलवे स्टेशन पर मौजूद थे। जिला प्रशासन व रेल प्रशासन के अफसरों ने संयुक्त रूप से स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था के हर पहलू पर मंथन किया। इसके उपरान्त अतिथि कक्ष में संयुक्त बैठक कर एक-एक विषय से सम्बन्धित योजना का प्रारूप तैयार किया गया।

बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर डॉ. वैभव शर्मा, रेलवे के एडीआरएम वी.के. पांडेय, एडीआरएम अश्वनी श्रीवास्तव, सीनियर डीओएम कृष्णकान्त अरोरा, डीसीएम आशीष सिंह सहित कई रेलवे अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। सरकारी सूत्रों के मुताबिक अयोध्या रेलवे स्टेशन पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से राष्ट्रपति की अगवानी करने की संभावनाओं पर अधिकारियों ने मंथन किया।

राष्ट्रपति के आगमन के दौरान उनकी प्रेंसीडिशयल ट्रेन लखनऊ से अयोध्या के मध्य कहीं नहीं रुकेगी, लेकिन इस दौरान यात्री ट्रेनों को भी नहीं रोकने का निर्णय लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार यात्री ट्रेनों को निर्धारित स्टेशनों पर रोककर प्रेसीडेंशियल ट्रेन को क्रास कराया जाएगा। राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से चार घंटे तक अयोध्या रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार से आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इसकी सार्वजनिक सूचना जिलाधिकारी की ओर से समय रहते निर्गत की जाएगी।

पूरे अयोध्या में पुलिस बल तैनात करके छावनी में तब्दील कर दिया गया है। जगह-जगह पर सुरक्षा पुख्ता की जा रही है। सबसे नजदीक पैरामिलेट्री जवान तैनात किए जाएंगे इसके बाद रेलवे जीआरपी, पीएसी एवं पुलिस की गिरेहबंदी रहेगी। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नं. एक पर राष्ट्रपति की ट्रेन आएगी। ऐसे में अयोध्या रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म को सील कर दिया जाएगा। स्टेशन पर आने वाले सभी मार्ग बंद रहेंगे। वहीं सुरक्षा के लिए आवंटित की गई फोर्स जनपद से आ गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी या सीआरपीएफ के जवान तैनात रहेंगे। सम्पूर्ण रेलवे स्टेशन को सुरक्षा के घेरे में रखा जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पचास मीटर का विशेष सुरक्षा घेरा निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रेसीडेंसियल ट्रेन में दो लोको इंजन के साथ नौ बोगियां व एक गार्ड बोगी होगी। पायलट आगे व पीछे अफसरों की ट्रेन रहेगी। जिलाधिकारी व एसएसपी की मौजूदगी में रेलवे अफसरों ने सुनिश्चित किया कि राष्ट्रपति किस बोगी में होंगे और रेलवे स्टेशन पर टे्रन रुकने के दौरान उनकी बोगी किस स्थान पर रुकेगी।

उन्होंने बताया कि प्रेसीडेंशियल ट्रेन के दोनों तरफ पचास-पचास मीटर पर विशेष कमांडो की भी तैनाती रहेगी। इस रास्ते पर पडऩे वाले सभी छोटे-छोटे रास्तों पर बैरीकेडिंग कर वहां सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। राष्ट्रपति के आगमन को ले करके सुरक्षा के जहां कड़े प्रबंध किए गए हैं वहीं पर दस पुलिस अधीक्षक, 25 अपर पुलिस अधीक्षक, तीस पुलिस उपाधीक्षक, पचास निरीक्षक व एक सौ पांच उपनिरीक्षक को लगाया गया है।

इसके अतिरिक्त दस कम्पनी पैरामिलेट्री फोर्स जिसमें सीआरपीएफ, आरएएफ, पीएसी, एटीएस को तैनात किया गया है। इन सभी को जोन व सेक्टर वाइज की तैनाती दी गई है। इसके अलावा जीआरपी के दो सौ पचास अधिकारी व जवानों की तैनाती की गई है। इस बीच जिला प्रशासन ने राष्ट्रपति के आगमन को ले करके पूरे अयोध्या में बारीकी से निरीक्षण किया है।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अयोध्या यात्रा ऐतिहासिक होगी और रामलला का दर्शन करने वाले वे पहले राष्ट्रपति होंगे। उनसे पहले देश के सातवें राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह वर्ष 1983 में अयोध्या आये थे लेकिन उन्होंने रामलला का दर्शन नहीं किया था। उन्होंने कनक भवन में जाकर दर्शन-पूजन किया था। उनकी अयोध्या यात्रा में कांग्रेस के पूर्व सांसद डा. निर्मल खत्री ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 38 वर्ष बाद देश के चौदहवें राष्ट्रपति अयोध्या में आ करके रामलला का दर्शन करेंगे।