आरटीपीसीआर की कैपिंग पर सख्ती तो चेस्ट सीटी स्कैन की क्यों नहीं?

कोरोना की दूसरी लहर, second wave of corona
कोरोना की दूसरी लहर, second wave of corona

सिरोही। राजस्थान सरकार ने कोविड में लोगों को राहत देने के लिए आरटीपीसीआर की दरें तय कर दी हैं। इससे ज्यादा वसूली पर कार्रवाई भी की जा रही है। लेकिन, कोविड में लोगों की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे चेस्ट सीटी स्कैन पर अधिक राशि वसूलने पर अब तक सरकार का रवैया ढीला ही है। इससे मजबूरी में राज्य के कई जिलों में लोगों को चेस्ट सीटी स्कैन को लेकर लुटना पड़ रहा है। पुराने आदेश को दूसरी लहर में फिर से रिवाइज्ड नहीं करवाने के कारण अधिकारी और आम लोग दोनो ही इससे अनभिज्ञ भी हैं।

वसूल रहे हैं मनमाने दाम

राजस्थान सरकार ने कोविड में चेस्ट सिटी स्कैन की दरें गत वर्ष सितंबर में ही तय कर दी थी। जो 1700 रुपए और 1955 रुपए थी। जिला कलेक्टरों को अधिक राशि वसूलने पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए हुए हैं। इसके बावजूद राज्य के कई जिलों में लोगों से चेस्ट सिटी स्कैन के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दर से ज्यादा वसूली जा रही है।

एचआर सीटी बचा रहा है जिंदगी

कोरोना का नया स्ट्रेन कई मामलों में आरटीपीसीआर में भी पकड़ में नहीं आ रहा है। लेकिन, इसके लक्षण नजर आ रहे हैं। ऐसे में चेस्ट सीटी स्कैन के माध्यम से कोरोना का इंफेक्शन पकड़ में आ रहा है। ऐसे में यदि चेस्ट सीटी स्कैन के लिए दोगुनी ढाई गुनी राशि वसूली जाएगी तो सरकार और प्रशासन दोनों ही कठघरे में खड़े होते है।

कई जिलों के तो चिकित्सा अधिकारी चेस्ट सीटी स्कैन की दरें जिला प्रशासन द्वारा इन डायग्नोसिस की राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दर का कोरोना की दूसरी लहर में प्रचार प्रसार नहीं करने के कारण लोगों को अब लुटना पड़ रहा है।

इनका कहना है…
राज्य सरकार द्वारा सीटी स्कैन को लेकर कोई चार्ज निर्धारित नहीं किए गए हैं।
डॉ राजेश कुमार
सीएमएचओ, सिरोही।