कोटा में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या, पुत्र को किया घायल

कोटा। राजस्थान में कोटा के अनंतपुरा थाना क्षेत्र में कल देर शाम बदमाशों ने एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी जबकि उसके पुत्र को गंभीर रूप से घायल कर दिया।

पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि सुभाष नगर निवासी बलराम सिंह जादौन (55) पिछले कई सालों से कोटा में प्रॉपर्टी डीलर के रूप में जमीनों की खरीद-फरोख्त का काम कर रहे थे। पुलिस के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कल देर शाम एक लग्जरी कार से तीन चार व्यक्ति उनके आवास पर पहुंचे और बकायदा घंटी बजाकर घर में घुसे जिससे इस तथ्य को बल मिलता है कि वह मृतक के पूर्व के परिचित हैं।

सूत्रों ने बताया कि किसी बात को लेकर विवाद होने पर बदमाशों में से किसी एक ने बलराम सिंह पर 9 एमएम की पिस्तौल से गोली चला दी जिससे गले में गोली लगने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर जब उनका पुत्र दिव्यांशु (22) अंदर से अपने कमरे से बाहर निकल ड्राइंग रूम में आया तो बदमाशों ने उसे भी गोली मार कर घायल कर दिया और कार में बैठकर फरार हो गए।

परिवार जन बलराम सिंह और उनके पुत्र दिव्यांशु को लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने बलराम सिंह को मृत घोषित कर दिया जबकि उनके पुत्र का इलाज किया जा रहा है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कल रात मृतक बलराम सिंह के शव को कोटा के राजकीय एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया जहां आज उनका पोस्टमार्टम किया जा रहा है।

पुलिस को संदेह है कि किसी प्रॉपर्टी विवाद या चौथ वसूली को लेकर कुख्यात अपराधी सरगना भानु प्रताप सिंह के शूटरो ने इस वारदात को अंजाम दिया है और अभी तक जिन दो बदमाशों की शिनाख्तगी की बात कहीं जा रही है वे दोनों भानु गिरोह के शूटर रह चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि कोटा के एक अन्य अपराधी गिरोह सरगना शिवराज सिंह हाडा ने अपराधी सरगना भानु प्रताप सिंह की पुलिस हिरासत में दर्जनों गोलियां मारकर हत्या कर दी थी और इस मामले में शिवराज सिंह और उसके कुछ साथी न्यायिक अभिरक्षा में है। अनंतपुरा पुलिस ने कल देर रात हत्या और प्राणघातक हमले का मामला दर्ज करके अपराधियों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। नंदू शूटर घोषित फरार अपराधी है।

लॉकडाउन में पुलिस का डंडा आम आदमी के लिए, अपराधी बेखौफ

कोटा में लॉकडाउन और उसमें छूट के दौरान पुलिस की सख्ती, डंडा केवल आम आदमी के लिए ही है, लेकिन उन अपराधियों के लिए नहीं जो वारदातें करते हैं और पुलिस को गच्चा देकर भाग जाते हैं।

कोटा में पुलिस की कड़ी कथित सुरक्षा व्यवस्था के इस ढकोसला की पोल एक बार फिर कल देर शाम उस समय खुल गई जब शहर के अनंतपुरा थाने में तीन-चार कुख्यात अपराधी एक प्रॉपर्टी डीलर के घर में घुसकर उसकी हत्या करने और उसके पुत्र को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल करने के बाद तमाम नाकाबंदी के बीच एक कार में सवार होकर भागने में सफल हो गए और पुलिस को इस बात की भनक तक नहीं मिली।

सूत्रों ने बताया कि अनंतपुरा जैसे इलाके में जहां कोटा- झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित है, वहां हत्या की गंभीर वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधियों का भाग निकलना यह साबित करता है कि पुलिस की सारी सावधानी-सावचेतिया और डंडा आम आदमियों के लिए है, अपराधियों के लिए नहीं जो गंभीर वारदातों को अंजाम देने के बाद पुलिस की नाकेबंदी के बीच अपनी महंगी कारों से निकल जाते हैं।

इस वारदात की पुलिस को भनक तक नहीं लगी क्योंकि पुलिस के निचले दर्जे के कर्मचारियों का जोर महंगी कारों को रोकने की जगह दुपहिया वाहन सवारों पर रहता है। ऐसे में यदि इन पुलिस वालों को कोई दुपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट, लाइसेंस, गाड़ी के कागजात के मिल जाए तो सोने में सुहागा है क्योंकि यही लोग तो वह ‘मक्खन हैं जिन से घी’ निकाला जा सकता है। कार वाला तो किसी बड़े नेता- अफसर की पुलिस वालों से बात करवा कर निकल लेगा।

पुलिस का दावा है कि राज्य सरकार की ओर से लगाई गई लॉक डाउन की पाबंदियों के चलते कोटा शहर में 75-80 से भी अधिक विभिन्न स्थानों पर 24 घंटे नाकेबंदी की जा रही है और कोटा शहर की सीमा में झालावाड़, बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़ आदि जिलों से आने वाले वाहनों के प्रवेश पर कड़ी निगरानी रखने के लिए चौकी स्थापित कर और बैरिकेडिंग करके वाहनों की जांच की जा रही है।

लेकिन कल शाम ढलने के बाद कोटा झालावाड़ के व्यस्ततम राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अनंतपुरा की सुभाष कॉलोनी में कुछ बदमाशों ने घर में घुसकर एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी जबकि उसके पुत्रों को गंभीर रूप से घायल करने के बाद अपनी महंगी कार में बैठ कर पुलिस की नाकेबंदी के बीच होकर निकल गए और पुलिस को इसका भनक तक नहीं लगी।