असम के दीमा हासो में प्रदर्शन जारी, 2 प्रदर्शनकारियों की मौत, यात्री फंसे

Protest in Assam's Dima Hasao Leaves Thousands Stranded
Protest in Assam’s Dima Hasao Leaves Thousands Stranded

गुवाहाटी। असम के दीमा हासो जिले में जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में गुरुवार को घायल नौ लोगों में से शुक्रवार को दो लोगों की मौत हो गई। प्रदर्शनों के जारी रहने से हजारों लोग अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने न्यू हाफलोंग रेलवे स्टेशन पर सिलचर-गुवाहाटी पैसेंजर ट्रेन रोक दी।

केंद्र सरकार द्वारा कथित रूप से जिले के नागा समुदाय के लिए एक परिषद बनाने की कथित पहल के खिलाफ जिले में प्रदर्शन हो रहे हैं। गुरुवार को पुलिस और भीड़ के बीच झड़प में पुलिस ने गोली चला दी जिसमें नौ लोग घायल हो गए। इनमें से दो की शुक्रवार को मौत हो गई। आक्रोशित संगठनों ने दीमा हासो जिले में शुक्रवार से 48 घंटे के ‘बंद’ का आह्वान किया है।

सैकड़ों लोगों ने मंदरदिसा रेलवे स्टेशन और न्यू हाफलोंग रेलवे स्टेशन पर रेल ट्रैक को अवरुद्ध कर दिया। इससे बराक घाटी के लोगों के लिए लाइफलाइन कही जाने वालीं रेलगाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ है। असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।

उन्होंने कहा कि लेकिन, गुरुवार को लगा कर्फ्यू मैबोंग और अन्य पड़ोसी क्षेत्रों में भी लगा दिया गया है। पुलिस गोलीबारी में घायल दो लोगों की आज (शुक्रवार को) मौत हो गई।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंचार अधिकारी ज्योति शर्मा ने कहा कि रेलवे विभाग न्यू हाफलोंग में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए प्रदेश सरकार से सिक्योरिटी क्लीयेरेंस मिलने का इंतजार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि गुरुवार को मैबोंग में स्थानीय आंदोलनकारियों द्वारा रेलमार्ग बाधित करने के बाद वहां लगभग 3000 यात्री फंस गए। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने गुरुवार की घटना की जांच अपर मुख्य सचिव वी.बी. प्यारेलाल से कराने का आदेश दिया है।

उन्होंने उत्पाद कर मंत्री परिमल सुक्लावैद्य और जल संसाधन मंत्री केशव महंता से शनिवार को जिले का दौरा करने के लिए कहा है।

आंदोलन करने वाले विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि वे नागा संगठन और केंद्र के बीच कथित समझौते के तहत ग्रेटर नागालैंड के खिलाफ नहीं हैं लेकिन वे ग्रेटर नागालैंड में दीमा हासो को शामिल करने और जिले में सैटेलाइट परिषद स्थापित करने के खिलाफ हैं।