बिहार : प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने गया जंक्शन पर की तोड़फोड़, ट्रेन में लगाई आग

पटना। रेलवे भर्ती बोर्ड की नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (एनटीपीसी) परीक्षा परिणाम में कथित धांधली के विरोध में बिहार में पिछले तीन दिन से अभ्यर्थियों ने उग्र विरोध-प्रदर्शन करते हुए आज गया जंक्शन में तोड़फोड़ करने के बाद एक ट्रेन में आग लगा दी।

परीक्षा परिणाम से नाराज अभ्यर्थियों ने बुधवार को गया जंक्शन पर जमकर हंगामा किया है। इस दौरान अभ्यर्थियों ने मार्ग बदल कर चलाई जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन को निशाना बनाते हुए जमकर तोड़फोड़ की और दो डिब्बे में आग लगा दी। इसके बाद स्टेशन परिसर में जमकर उत्पात मचाया।

इस दौरान रेलवे सुरक्षा बल और उत्पात कर रहे अभ्यर्थियों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। बड़ी संख्या में गया जंक्शन पर उमड़े रेलवे सुरक्षा बल की तरफ से की गई जवाबी कार्रवाई में आंसू गैस के गोले दागे गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार भी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर जमे रहे। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रेलवे ने परीक्षा परिणाम को स्थगित कर दिया है। साथ ही ग्रुप डी की परीक्षा को भी स्थगित कर दिया है। ऐसे में अब इस तरह के विरोध की जरूरत नहीं है। एक ट्रेन के डिब्बे को जलाया गया है, जिसमें कुछ लोगों की पहचान की गई है। जल्द ही मामले में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

वहीं, रेलवे परीक्षा परिणाम में हुई कथित धांधली के खिलाफ 28 जनवरी को ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया गया है। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) के विधायक मनोज मंजिल ने रेलवे छात्रों के हक में आवाज बुलंद करते हुए बिहार बंद की घोषणा की है।

उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की जमकर आलोचना की। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी बनेंगे लैटरल एंट्री से, जज बनेंगे कोलेजियम से लेकिन ग्रुप डी का नौकर बनेंगे दो परीक्षा से।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व आज ही अभ्यर्थियों ने जहानाबाद स्टेशन पर जोरदार प्रदर्शन कर रेल पटरी पर धरना देकर यातायात को बाधित कर दिया था। प्रदर्शन और विरोध के कारण पटना गया रेलखंड पर रेल यातायात प्रभावित हुआ है।