कर्नाटक में कोंग्रस और जनता दल के विधायकों का विरोध प्रदर्शन

कर्नाटक में कोंग्रस और जनता दल के विधायकों का विरोध प्रदर्शन
कर्नाटक में कोंग्रस और जनता दल के विधायकों का विरोध प्रदर्शन

बेंगलुरु | कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला द्वारा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बी एस येद्दियुरप्पा को सरकार बनाने का आमंत्रण देने तथा पद एवं गाेपनीयता की शपथ दिलाने के विरोध में कांग्रेस तथा जनता दल (सेक्युलर) के नव निर्वाचित विधायकों ने आज विधान सभा परिसर में गांधीजी की मूर्ति के समीप प्रदर्शन किया।

कांग्रेस-जद(स) विधायक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, केरल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जी परमेश्वरा, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारामैया एवं अन्य नेताओं के नेतृत्व में गांधीजी की मूर्ति के सामने धरने पर बैठ गए। भाजपा द्वारा लालच दिए जाने के भय से जिन कांग्रेसी विधायकों को रात भर इगलटन रिजॉर्ट में रखा गया था वे भी बस से यहां पहुंचकर विरोध में शामिल हुए। जद(एस) के विधायकों ने भी रात शहर के पांच सितारा होटल में बितायी और आंदोलन में शामिल हुए। डॉ. परमेश्वर ने कहा कि यह सांकेतिक विरोध है। कांग्रेस पार्टी की ओर से शीर्ष न्यायालय में दायर याचिका लंबित है। उन्होंने कहा, ‘राज्यपाल पारंपरिक प्रक्रिया को निभाने में विफल रहे, उन्होंने पूर्व के मामलों में शीर्ष न्यायालय के फैसलों को नजरअंदाज किया और आवश्यक विधायकों की संख्या कम होने के बाद भी भाजपा को सरकार बनाने का आमंत्रण देकर वह संवैधानिक मूल्यों के निर्वहन में असफल रहे। ‘

लोक सभा में कांग्रेस नेता एम मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि राज्यपाल ने बहुमत साबित करने के लिए अनाश्यक 15 दिनों का समय दिया इससे खरीद फरोख्त होगी और नव निर्वाचित विधायकों पर दबाव बनेगा। उन्हाेंने कहा ‘ राज्यपाल को हम लोगों ने गठबंधन सरकार बनाने के लिए कांग्रेस-जद(स)समर्थन वाली 117 विधायकों की सूची सौंपी लेकिन उन्होेंने इसे खारिज कर दिया और सिर्फ 104 विधायक होने के बाद भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।’ पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारामैया ने राज्यपाल की कार्रवाई को कुछ और नही बल्कि लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने कहा, ‘हम लोग तब तक विरोध करेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता। ‘ जद(एस) अध्यक्ष एच डी कुमारास्वामी ने आरोप लगाया ‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार लोकतंत्र को नष्ट करना चाहती हैं।’ श्री मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(एनडीए)सरकार संविधान का दुरूपयोग कर रही है। जो अत्यंत निंदनीय है।’उन्होंने अारोप लगाया कि भाजपा विधायकों की खरीद फरोख्त में शामिल है।