लंबी खींचतान के बाद आखिर पंजाब कांग्रेस का विवाद का पटाक्षेप

चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में लंबे अर्से से गहराए विवाद का आज उस समय पटाक्षेप हो गया जब दिल्ली से आलाकमान का फैसला लेकर आए पंजाब मामलों के प्रभारी ने प्रदेश कांग्रेस की कमान नवजोत सिद्धू को सौंपे जाने और तीन अन्य कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने का खुलासा किया हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने के बाद होगी।

यह जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजकुमार वेरका ने आज बताया कि आलाकमान के फैसले की आधिकारिक घोषणा जल्द होने जा रही है। तीन नए कार्यकारी अध्यक्ष एक दलित, हिन्दू और सिख समुदाय होंगे। जल्द जारी होने वाली घोषणा में सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने तथा मंत्रिमंडल विस्तार का मामला शामिल है।

पंजाब कांग्रेस मामलों के प्रभारी हरीश रावत दिल्ली से आने के बाद सीधे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सिसवां फार्म हाउस के लिए रवाना हुए। उसके बाद कैप्टन सिंह को आलाकमान का फैसला बताने और उनके गिले शिकवे दूर करने के लिए लंबी बातचीत की। उसके बाद रावत ने कहा कि कैप्टन सिंह की आशंकाओं को दूर कर दिया गया है। बातचीत अच्छे माहौल में हुई।

कैप्टन सिंह ने कहा कि पार्टी की एकजुटता तथा पंजाब के विकास की खातिर और पार्टी को सत्ता में फिर से लाने के लिए वह आलाकमान के हर फैसले को मंजूर करते हैं।

इस बीच सुबह से कांग्रेस में जारी गहमागहमी और हलचलों का दौर जारी रहा। कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था। आलाकमान ने सभी को चुप रहने और मीडिया से दूरी बनाने काे कहा हो। सुबह से बैठकों का दौर जारी रहा। कैप्टन तथा सिद्धू खेमा बैठकों में व्यस्त रहा।

थोड़ी देर पहले सिद्धू सिसवां फार्महाउस पहुंचे और रावत तथा कैप्टन सिंह सहित अन्य नेताओं के साथ बैठक हो रही है। संभवतया इसके बाद आधिकारिक घोषणा हो सकती है।