पंजाब सरकार ने ड्राफ्ट बिजली (संशोधन) बिल 2018 खारिज किया

Punjab government rejects draft Electricity Bill (Amendment) Bill 2018
Punjab government rejects draft Electricity Bill (Amendment) Bill 2018

जालंधर । पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मसौदा बिजली (संशोधन) विधेयक, 2018 को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि यह देश की संघीय संरचना पर प्रत्यक्ष हमला है।

पंजाब राज बिजली बोर्ड (पीएसईबी) इंजीनियर्स एसोसिएशन की बॉडी मीटिंग को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा और पशुपालन मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि बिजली एक समवर्ती विषय है और केंद्र राज्यों से संबंधित एकतरफा निर्णय नहीं ले सकता।

मुख्य संरक्षक पदमजीत सिंह और अध्यक्ष अखिल भारतीय विद्युत इंजीनियर्स संघ शैलेंद्र दुबे, बलदेव सिंह सरां सीएमडी पीएसपीसीएल, वेणु प्रसाद सचिव (पावर) ने सभा को संबोधित किया। बैठक में एचपीएसईबी लिमिटेड में सुनील ग्रोवर एम डी ए के जैन कानूनी सचिव वी के गुप्ता प्रवक्ता, एआईपीईएफ और उत्तरी राज्यों के अन्य प्रमुख इंजीनियरों ने भी भाग लिया।

एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव सूद ने अपने संबोधन में पीएसपीसीएल और पीएसटीसीएल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान हासिल की गयी सबसे बड़ी उपलब्धि शाहपुर कंडी हाइडल परियोजना की निर्माण गतिविधियों को फिर से शुरू करना है। इस परियोजना को चालू करने के साथ पंजाब को सालाना 850 करोड़ रुपये का सीधा लाभ होने की उम्मीद है। एक और मील का पत्थर पचवाड़ा कोयला खान का पुन: परिचालन है जो पीएसपीसीएल को कोयला व्यय पर सालाना 600 करोड़ रुपये की बचत करेगा। उन्होंने कहा कि पीएसपीसीएल इस वर्ष अब तक 976 करोड़ रुपये की बिजली दूसरे राज्यों को बेचने में सक्षम रहा है।

एआईपीईएफ के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने केंद्र सरकार की बिजली नीतियों की आलोचना की और कहा कि विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2018 केवल बिजली वितरण का निजीकरण करेगा और इसका लक्ष्य राज्य के खजाने की लागत पर कॉरपोरेट घरानों को लाभान्वित करना है। उन्होंने कहा कि देश भर में इंजीनियर जनवरी में दो दिन की हड़ताल के साथ इस विधेयक के खिलाफ विरोध करेंगे।

इस अवसर पर सीएमडी बलदेव सिंह सरां ने कहा कि पीएसपीसीएल रोपर में 600 मेगावाट के तीन सुपर क्रिटिकल थर्मल प्लांट और बठिंडा में 100 मेगावाट स्ट्रॉ आधारित प्लांट और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि नए भर्ती सहायक इंजीनियरों को कम शुरूआती वेतन प्रदान करना इंजीनियरों के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने पंजाब सरकार से इसे पूर्ववत करने का आग्रह किया।