फर्जी टी-20 मैच : सट्टा गिरोह के सरगना का राजस्थान के हनुमानगढ से लिंक

मोहाली। पंजाब के मोहाली जिले में खरड़ अंतर्गत स्वाड़ा गांव में फर्जी अंतरराष्ट्रीय टी-20 टूर्नामेंट पर करोड़ों रूपए के ऑनलाईन सट्टेबाजी के संचालक रविंदर सिंह डंडीवाल से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों ने मंगलवार को यहां घंटों पूछताछ की।

बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी इकाई के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार और वरिष्ठ अधिकारी अंशुमन दोपहर करीब 12 बजे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने स्वाड़ा गांव में उस स्टेडियम का भी दौरा किया जिसे आरोपी ने श्रीलंका का बादुला शहर बता कर युवा टी-20 मैच का आयोजन कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाईन सट्टेबाजी को अंज़ाम दिया था।

बीसीसीआई अधिकारियों ने बाद में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. प्रभजोत ग्रेवाल और थाना प्रभारी सदर सुखबीर सिंह के सामने एक बंद कमरे में डंडीवाल से घंटों पूछताछ की जो आगे भी जारी रहेगी।

राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी डंडीवाल को मोहाली पुलिस ने गत सोमवार को गिरफ्तार किया था। आरोपी से पूछताछ में फर्जी क्रिकेट मैचों पर अंतरराष्ट्रीय ऑनलाईन सट्टे के धंधे में कई बड़े लोगों के शामिल होने का खुलासा हो सकता है।

मोहाली में लगभग चार-पांच साल से किराये पर रहे डंडीवाल ने वर्ष 2009 में क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के नाम से क्लब का पंजीकरण कराया था। इसके बाद उसने मोहाली, अमृतसर और भोपाल में कई मैच कराए। उसने गत पांच वर्षों में श्रीलंका, आस्ट्रेलिया, नेपाल, थाइलैंड, अफगानिस्तान में आठ बड़े टूर्नामेंट भी कराए।

वर्ष 2016 में वह अपने क्लब की 18 सदस्यीय टीम लेकर श्रीलंका गया था। इसके बाद टीम लेकर ऑस्ट्रेलिया गया। वर्ष 2017 में वह टीम लेकर दुबई भी गया जहां वह अनेक प्रायोजकों और सट्टेबाजों के सम्पर्क में आया।

आरोपी ने गत सप्ताह ही अपनी अकादमी में टी-20 मैच कराया था और इसे फर्जी तरीके से श्रीलंका के बादुला शहर में आयोजित युवा टी-20 मैच बताकर इसका ऑनलाइन प्रसारण कराया और इस पर ऑनलाईन सट्टा लगवाया। पुलिस ने डंडीवाल के अलावा इस फर्जीवाड़े में आठ लोगों पर मामला दर्ज किया था। डंडीवाल के अलावा पुलिस उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में पुलिस ने चंडीगढ़ के हैप्पी और कुज्जू को भी नामजद किया है।