जहां गौ माता, वहां गोपाल का वास : सुरेश सिंह रावत

पुष्कर। गौ माता का प्राचीन से वैैैैज्ञानिक युग तक महत्‍व बरकरार है, जहां गाय का वास है, वहां स्वयं गोपाल का वास होता है। गाय का महत्व प्राचीनकाल में तो था ही, पर वर्तमान युग में वैज्ञानिकों ने भी गाय से मिलने वाली हर वस्तु की उपयोगिता को स्वीकार किया है। पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत ने यह बात भांवता गांव में आयोजित गौ कथा के तीसरे दिन कही।

उन्होंने कहा कि हम अपनी आस्था व संवेदनाएं प्रकट कर गौ रक्षा के लिए प्रतिबद्धता जताएं। किसी की भी लापरवाही से स्वस्थ गौवंश की मौत ना हो। यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए कि हमने जिस गाय को दूध देने तक पाला उसे दूध न देने पर भी पालें साथ ही कुछ रुपयों के लिए कसाई अथवा गौ तस्करों को न बेचें। त्यौहारों पर गौपूजा करना या सेवा कर लेने से ही गौ रक्षा संभव नहीं। गौ रक्षा के लिए हम सभी को मिलकर आगे आना होगा।

इससे पूर्व विधायक रावत ने कथा वक्ता साध्वी श्रद्धा गोपाल सरस्वती दीदी के शुभ आशीर्वचन प्राप्त किए। विधायक रावत के साथ अगर सिंह राठौड़, पन्ना लाल जांगिड़, हेमंत सिंह, जगदीश कांकाणी, गिरधारी सिंह, गोपाल सिंह पूर्व उपसरपंच, गंगा सिंह, भागचंद सोनी, भंवरालाल बाती, भंवरसिंह पूर्व मैनेजर, रतन सिंह डेयरी, जयपाल, राजेन्द्र उपसरपंच, मुरलीधर जांगिड़, मान सिंह, राजेन्द्र बड़ला बेरा सहित ग्रामीणों ने धर्म लाभ कमाया।