विधायक की संस्तुति पर धार्मिक पर्यटन व चौडीकरण के लिए सडक़ों की स्टेट्स रिपोर्ट भेजी

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सबगुरु न्यूज-सिरोही। विधायक संयम लोढ़ा की संस्तुति पर सिरोही सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ने धार्मिक पर्यटन, चौडीकरण और एमडीआर में उन्नयन करवाने के लिहाज से दस सडक़ों की स्टेट्स रिपोर्ट सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को भेजी है।

विधानसभा क्षेत्र के अलावा आबू-पिण्डवाड़ा व रेवदर विधानसभा में आने वाले गुलाबगंज माउण्ट आबू मार्ग की स्टे्टस रिपोर्ट भी अतिरिक्त मुख्य अभियंता को भेजी है।
-इन मार्गों को किया शामिल
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ने धार्मिक पर्यटन के लिहाज से सिरोही में मीरपुर से पिश्वान जी के बीच 4 किलामीटर मार्ग के 1.60 करोड़, बरलूट नवारा मार्ग से जागेश्वर महादेव मंदिर तक 2 मार्ग के लिए अस्सी लाख, माकरोड़ा दरबारी खेड़ा सडक़ से सिद्धेश्वर मंदिर तक एक किलोमीटर सडक़ के लिए 40 लाख रुपये तथा उड़ मण्डवाड से कर्णेश्वर महादेव मंदिर तक डेढ़ किलोमीटर मार्ग तक साठ लाख रुपये तक की लागत का प्रस्ताव व स्टेट्स रिपोर्ट भेजी है।
इसी तरह चौड़ाईकरण और सुदृढीकरण के लिए विधायक की संस्तति पर तीन मार्गों को शामिल किया गया है। इसमें जावाल-गोल-नवाखेड़ा-पालडी एम तक करीब 18.5 किलोमीटर मार्ग के लिए 12.99 करोड़ रुपये का प्रस्ताव के साथ स्टेट्स रिपोर्ट भेजी है। इसके अलावा सिरोही-रामपुरा-डोडुआ-कालन्द्री तक 21 किलोमीटर मार्ग के लिए 15.76 करोड़ रुपये तथा शिवगंज-बेड़ा तक 15 किलोमीटर सडक़ के चौड़ाईकरण के लिए 12.99 करोड़ रुपये का प्रस्ताव व स्टेट्स रिपोर्ट भेजी है।
इसी तरह से सिरोही रामपुरा-डोडुआ-कालन्द्री-तंवरी-सिलदर-जसवंतपुरा के बीच 52 किलोमीटर तथा जावाल-गोल-पोसालिया-शिवगंज तक 42 किलोमीटर सडक़ को अदर डिस्ट्रीक्ट रोड से मेजर डिस्ट्रीक्ट रोड में उन्नयन करने के लिए स्टेट्स रिपोर्ट भेजी है।
इसी तरह से तीन मार्गों को डबल लेन करने के लिए भी स्टेटस रिपोर्ट भेजी। इसमें स्टेट हाइवे 38 से गोयली तक तीन किलोमीटर मार्ग के लिए 1.80 करोड़ रुपये का प्रस्ताव स्टेटस रिपोर्ट के साथ भेजा है। एनएच-14 से माण्डवा गांव तक चार किलोमीटर तक मार्ग तथा सिरोही-रामपुरा-पालड़ी तक तीन किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए स्टेटस रिपोर्ट भेजी है।
-क्या होती है स्टेटस रिपोर्ट
सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से भेजी जाने वाली स्टेटस रिपोर्ट में संबंधित सडक़ों की स्थिति, उस पर ट्राफिक, उसके धार्मिक-पर्यटन व अन्य महत्व को इंगित किया जाता है। इससे यह तय किया जाने में आसानी रहती है कि संबंधित सडक़ को किस योजना में शामिल करके उसके लिए बजट आवंटित किया जा सकता है या नहीं।

यदि स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार सडक़ें राज्य या केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्डों में किसी में फिट होती हैं तो उसके लिए उन मद से बजट स्वीकृति दे दी जाती है। इसके बाद डीपीआर, टेंडर आदि की प्रकिया होती है।
-गुलाबगंज-माउण्ट आबू मार्ग का ये स्टेटस बताया
सिरोही विधायक संयम लोढ़ा की संस्तुति पर पीडब्ल्यूडी के एसई ने गुलाबगंज-माउण्ट आबू मार्ग की स्टेटस रिपोर्ट भी भिजवाई है। लेकिन इस स्टेटस रिपोर्ट में जिन फेक्ट्स को उन्होंने लीपीबद्ध किया है उसके अनुसार यह मार्ग बनना इतना आसान नजर नहीं आता जितना धार्मिक पर्यटन के लिए इसकी मांग करने वालों को लग रहा है। स्टेटस रिपोर्ट में इस मार्ग की वर्तमान स्थिति और इसके लिए आवश्यक पर्यावरण स्वीकृतियों का हवाला इसमें दिया गया है।