राधाष्टमी पर राधामय हुई कान्हा की नगरी मथुरा

मथुरा। समूचे ब्रजमण्डल में राधाष्टमी पर आयोजित राधा जन्म के विभिन्न कार्यक्रमों से कान्हा की नगरी मथुरा मंगलवार को राधामय हो गई।

तीर्थयात्रियों का सबसे अधिक जमघट राधारानी की क्रीड़ास्थली बरसाना में रहा जहां पर तीर्थयात्रियों के बहुत बड़े समुदाय ने लाड़ली मन्दिर बरसाना में श्रीजी के अभिषेक के दर्शन कर स्वयं को धन्य किया।

तड़के तीन बजे से प्रारंभ हुए मूल शांति के कार्यक्रम से लेकर गहवर वन की परिक्रमा करने तक के कार्यक्रमों में तीर्थयात्रियों ने भाग लिया। उधर, लाड़ली मन्दिर में सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित बधाई कार्यक्रम में नन्दगांव के सेवायतों ने भाग लिया जिन्हें बाद में प्रसाद के रूप में लड्डू देकर विदा किया गया।

लाडली मन्दिर बरसाना में प्रवेश को लेकर पुजारियों और पुलिस में सुबह जमकर नोकझोंक हुई। इसके पहले कि यह नोकझोंक मारपीट में तब्दील होती, उच्च अधिकारियों ने पुजारियों को मन्दिर में प्रवेश देकर मामला शांत किया।

जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि बरसाना, मथुरा, वृन्दावन एवं गोवर्धन एवं रावल में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ होने के बावजूद कहीं पर कोई अप्रिय घटना नही घटी।

वृन्दावन के राधा दामोदर मन्दिर में आज कई घंटे तक पंचामृत अभिषेक चला। अभिषेक के बाद पुजारियों ने एक दूसरे पर एवं तीर्थयात्रियों पर हल्दी मिश्रित दही डालकर राधा जन्म की खुशी का इजहार किया तो राधा बल्लभ मन्दिर में मन्दिर के सेवायतों का बिजली की फुर्ती के साथ दधिकाना हुआ जिसमें राधा जन्म की खुशी में राधा प्यारी ने जनम लियों है कुंवर किशोरी ने जनम लियो है के उदघोष के साथ सेवायतों ने नृत्य किया। नृत्य के दौरान उन पर हल्दी मिश्रित दही हौदी से बाल्टियों में भरकर उड़ेला गया।

राधाश्यामसुन्दर मन्दिर वृन्दावन में आज कई मन दूध, दही, घी, बूरा , शहद, महौषधियों के साथ राधारानी का अभिषेक हुआ और फिर कोविद-19 के नियमों का पालन करते हुए श्रद्धालुओं में चरणामृत का वितरण किया गया। मथुरा में गोपीनाथ मन्दिर में आज कई घंटे तक अभिषेक वैदिक मंत्रों के मध्य हुआ तो श्रीकृष्ण जन्मस्थान के केशवदेव मन्दिर में ठाकुर केशवदेव का आज श्रीराधा के रूप में श्रंगार किया गया।

राधारानी की जन्मस्थली रावल में आज तड़के चार बजे श्रीजी का वैदिक मंत्रों के मध्य अभिषेक हुआ तो दिन में बहुत बड़ा मेला मन्दिर के सामने लगा। मन्दिर में दर्शन करने का ताता शाम तक जारी रहा। कुल मिलाकर समूचा व्रजमंडल आज राधा भक्ति से सराबोर हो गया।