राही सरनोबत ने 25 मीटर पिस्टल में जीता स्वर्ण पदक

Rahi Sarnobat wins gold medal in Asian Games
Rahi Sarnobat wins gold medal in Asian Games

जकार्ता । भारत की राही सरनोबत ने बुधवार को यहां 18वें एशियाई खेलों के निशानेबाजी प्रतियोगिता में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा फाइनल में देश को स्वर्ण पदक दिला दिया जो इन खेलों में भारत का चौथा स्वर्ण है।

राही ने कमाल का प्रदर्शन किया और शुरूआत से पदक होड़ में बनी रहीं जबकि गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन युवा निशानेबाज़ मनु भाकर छठे स्थान पर रहकर एलिमिनेट हो गयीं।

राही ने फाइनल में कुल एशियाई खेलों का रिकार्ड बनाते हुये कुल 34 अंकों के साथ स्वर्ण जीता। थाईलैंड की नफासवान यांगपाइबून ने भी खेलों का रिकार्ड बनाया लेकिन स्वर्ण पदक के शूटऑफ में वह अपने दो निशाने चूक कर दूसरे नंबर पर खिसक गयीं। उन्होंने कुल 34 के स्कोर के साथ रजत और कोरिया की मिनजुंग किम ने 29 के स्कोर के साथ कांस्य जीता।

मनु के लिये पदक होड़ से बाहर होना काफी निराशाजनक रहा क्योंकि उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में एशियाई खेलों का क्वालिफिकेशन रिकार्ड कायम करते हुये फाइनल में जगह बनाई थी। मनु ने प्रिसीशन चरण में 297 और रैपिड राउंड में 296 का स्कोर किया और कुल 593 के स्कोर के साथ शीर्ष पर रहकर फाइनल के लिये क्वालीफाई किया।

वहीं राही ने क्वालिफिकेशन में सातवें स्थान पर रहकर कुल 580 के स्कोर के साथ क्वालीफाई किया। उन्होंने प्रिसीशन में 288 और रैपिड में 292 का स्कोर किया।

राही 2012 के लंदन ओलंपिक में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज़ बनीं थीं जहांं उन्हें 19वां स्थान मिला था। राही ने 2016 में कोहनी की बड़ी चोट से उबरते हुये शानदार वापसी की अौर एशियाई खेलों में नया इतिहास बनाया। यह इन खेलों में भारत का चौथा स्वर्ण पदक था। इससे पहले 16 साल के निशानेबाज़ सौरभ चौधरी और पहलवान बजरंग पुनिया तथा विनेश फोगाट ने स्वर्ण पदक जीते थे।

16 साल की मनु को इस स्पर्धा में निराशा हाथ लगी लेकिन उनके पास अभी 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में मौका है। मनु गत रविवार को अभिषेक वर्मा के साथ 10 मीटर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में नहीं पहुंच पायी थीं।

कोल्हापुर की राही 50 मीटर राइफल प्रोन विश्व चैंपियन तेजस्विनी सावंत को अपनी प्रेरणा मानती हैं। वह विश्वकप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय पिस्टल निशानेबाज़ थीं। उन्होंने यह कारनामा 2013 में दक्षिण काेरिया में किया था। वह पहली बार चर्चा में तब आयी थीं जब उन्होंने पुणे में 2008 के युवा राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीता था।

राही ने 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण पदक जीते थे। उन्होंने 2014 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण और इंचियोन एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। दिन की एक अन्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में भारतीय महिला निशानेबाज़ों अंजुम मुद्गिल और गायत्री नित्यानंदम ने निराश किया और वे फाइनल में नहीं पहुंच सकीं। अंजुम 1159 अंंकों के साथ 9वें और गायत्री 1148 अंकों के साथ 17वें स्थान पर रहीं।