संसद में राहुल गांधी का आचरण अमर्यादित : शिवराज चौहान

Rahul Gandhi's behavior in Parliament undignified : Shivraj singh Chauhan
Rahul Gandhi’s behavior in Parliament undignified : Shivraj singh Chauhan

खरगोन। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान संसद में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आचरण को लेकर उन पर हमला बोलते हुए आज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांधी का संसद में व्यवहार पूर्णत: अमर्यादित था।

खरगोन में जन आशीर्वाद यात्रा के तहत पहुंचे चौहान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गांधी का संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गले मिलने के उपरांत इशारे करने का व्यवहार अमर्यादित तथा अशोभनीय था। उन्होंने कहा कि दो व्यक्ति आपसी सहमति से हृदय से गले मिलें तो कोई आपत्ति नहीं, लेकिन गांधी ने जबरन लिपटने के बाद लौट कर हाथ का इशारा कर आंखों को नचाने की जो अशोभनीय हरकत की है उसे सारे देश ने देखा है।

उन्होंने आगे कहा कि यह एक सामान्य कार्यकर्ता द्वारा किया जाता तो बात अलग थी, किंतु इस तरह का कृत्य एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष द्वारा किया जाना भारतीय संस्कृति और संस्कार नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके मन में पीड़ा है कि इस तरह के राष्ट्रीय अध्यक्ष के होते कांग्रेस देश को किधर ले जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में विपक्षी दल से मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा रहती है, ताकि जनता उन्हें गंभीरता से ले। कांग्रेस को चाहिए कि वह परिपक्व व्यवहार करे, ताकि उनकी साख आजादी के पूर्व जैसी बनी रहे।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को कथित तौर पर देशद्रोही कहे जाने पर उनके द्वारा लिखी गई चिट्ठी को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्होंने उसे नहीं पढ़ा है, पढ़ने के बाद ही वह इसका जवाब दे सकेंगे।

उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा पूछे गए 10 प्रश्नों के उत्तर में कहा कि बुजुर्ग नेता कमलनाथ भोपाल से ही बैठे-बैठे सवाल पूछते रहते हैं जबकि उन्हें चाहिए कि वह मेरी तरह प्रदेश में बाहर निकलें।

चौहान ने कहा कि वह जन आशीर्वाद यात्रा के माध्यम से जनता को अपने कामों का हिसाब दे रहे हैं। न कि प्रेस नोट जारी करके सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वह कमलनाथ से तीन सवाल करने जा रहे हैं, पहला कि हमने डेढ़ लाख किलोमीटर सड़के बनाई, कांग्रेस क्यों नहीं बना सकी, जबकि कमलनाथ भूतल परिवहन मंत्री थे और राष्ट्रीय राजमार्गों की दुर्दशा सबके सामने थी।

उन्होंने दूसरे सवाल में कहा कि यह जन चर्चा में सर्वविदित है कि तत्कालीन एमपीईबी का चेयरमैन कमलनाथ के द्वारा ही तय होता था, ऐसे में मात्र 24 घंटे में दो से तीन घंटे ही बिजली जनता को क्यों प्राप्त होती थी।

उन्होंने तीसरा सवाल यह पूछा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सिंचाई की क्षमता साढ़े सात लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर कर दी, कांग्रेस सरकारें ऐसा क्यों नहीं कर सकी।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने साढे 14 सालों में अभूतपूर्व विकास और अधोसंरचनाओं के माध्यम से प्रदेश को बीमारू से विकासशील और विकसित राज्य बनाया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों को लागत का डेढ़ गुना देकर खेती के कारोबार को फायदे का बनाया है तथा शिक्षकों को कांग्रेस की तरह अपमानजनक वेतन न देकर उनकी मर्यादा का ध्यान रखा है और अब उनके संविलियन की प्रक्रिया भी शीघ्र पूर्ण कर दी जाएगी। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि यदि आवश्यक होगा तो यह कानून लाया जाएगा।