राहुल गांधी ने राफेल सौदे पर मोदी को दी खुली बहस की चुनौती

राहुल गांधी ने राफेल सौदे पर मोदी को दी खुली बहस की चुनौती
राहुल गांधी ने राफेल सौदे पर मोदी को दी खुली बहस की चुनौती

बीदर। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फ्रांस के साथ नये राफेल सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी और आश्चर्य जताया कि प्रधानमंंत्री सौदे के पीछे छिपे सत्य को सामने लाने से दूर क्यों भाग रहे हैं।

गांधी अगले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस की ओर से शुरू की गयी ‘जनध्वनि यात्रा’ को संबोधित कर रहे थे। उन्हाेंने कहा कि आप मुझसे दूर क्यों भाग रहे हैं। आप अपने मित्र अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए इस सबसे बड़े भ्रष्ट सौदे के अपराध में सहभागी हैं। कम से कम जनता को तो जवाब दें।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह सौदे के संबंध में बहस के लिए  मोदी के साथ मंच साझा करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार ने राफेल सौदे पर संसद में उठाये गये उनके मुद्दों पर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया।

उन्होंने कहा कि मैंने समूचे देश से कहा है कि मोदी ने सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को टेक्नालॉजी हस्तातंरण के बाद एयरक्राफ्ट बनाने की अनुमति न देकर नया राफेल सौदा किया। उन्होंने अंबानी को फायदा पहुंचाने और धनी मित्रों की सहायता के लिए ऐसा किया है।

गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह कहते इुए देश से झूठ बोला है कि रक्षा सौदा होने के कारण राफेल सौदे के विस्तृत विवरणों का खुलासा नहीं किया जा सकता, जबकि फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने स्वयं उन्हें (गांधी) स्पष्ट कहा है कि सौदे में कुछ भी गोपनीयता नहीं है और अगर सरकार चाहे तो इससे जुड़ी सभी जानकारियां दी जा सकती हैं।

उन्होंने मोदी पर हमला जारी रखते हुए कहा कि कर्नाटक के किसानों की मदद को लेकर प्रधानमंत्री कतई गंभीर नहीं हैं। कृषि उपज पर अधिकतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को लेकर झूठ बोला गया है। इसके अलावा समूचे देश के किसानों से केंद्र की ओर से जो पेशकश की गयीं, उनमें से एक तिहाई भी पूरे नहीं की जा सकी हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर अत्यधिक कर लगाकर लाखों-करोड़ों की रकम एकत्र की है, लेकिन वह इसे गरीबों एवं महिलाओं के लिए खर्च करने के लिए तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा इसका कारण यह है कि मोदी अपने धनवान मित्रों की मदद करना चाहते हैं। इसी क्रम में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से लिए गये धन्नासेठों के 2.5 लाख करोड़ के कर्ज माफ कर दिये गये। दूसरी तरफ कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार जनता के लिए काम कर रही है तथा गरीबों और वंचितों का जीवन स्तर ऊपर उठाने में लगी है। यही फर्क है भाजपा और कांग्रेस में।

गांधी ने कर्नाटक में कर्ज माफी योजना के तहत कम से कम 50 प्रतिशत राशि वहन करने के लिए केंद्र सरकार से मांग की। उन्होंने कहा कि जब उद्याेगपतियों के 2.5 लाख करोड़ रुपये कर्ज एकमुश्त माफ किये जा सकते हैं तो गरीब किसानों की मदद क्यों नहीं की जा सकती।