महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में भूस्खलन से 44 लोगों की मौत

पुणे। महाराष्ट्र में रायगढ़ जिले के महाड़ तहसील में लगातार हो रही बारिश के कारण हुए भूस्खलन में 44 लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने 25 शव मलबे के नीचे से निकाले हैं।

रायगढ़ की जिलाधिकारी निधि चौधरी मौके पर राहत व बचाव कार्य में लगी है। अधिकारियों ने बताया कि अभी 35 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है। बाढ़ प्रभावित रायगढ़ जिले में हुए भीषण भूस्खलन में कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य के फंसे होने की आशंका है।

जिले के अधिकारियों के अनुसार इनमें से 28 लोगों की मौत तलाई में और चार लोगों की मौत सखार सुतार वाड़ी में हुई है। चौधरी ने बताया कि कम से कम 28 लोगों के अभी मलबे में फंसे होने की आशंका है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्थिति की समीक्षा की है। ठाकरे ने कहा कि राहत का काम जारी है। इस बीच, राहत और पुनर्वास मंत्री विजय वडेट्टीवार ने कहा कि राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में 40-45 से अधिक लोगों की मौत हुई है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

सूत्रों ने बताया कि कर्नाटक के अलमाटी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे कोल्हापुर जिले में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है। पश्चिमी महाराष्ट्र की तीन बड़ी नदियाँ, कोल्हापुर में पंचगंगा, सांगली में कृष्णा और सतारा में कोयाना नदी कई इलाकों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

लगातार बारिश, जलभराव और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के कारण मुंबई-गोवा और पुणे-बेंगलुरु राजमार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शुक्रवार सुबह तक रत्नागिरी जिले के चिपलून तथा महाड और रायगढ़ जिले में बाढ़ में 5,000 से 6,000 लोगों के फंसे होने की रिपोर्ट हैं।

भूस्खलन में मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये की मदद

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को राज्य में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन में मारे गए लोगों के वारिसों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

राज्य सरकार द्वारा शुक्रवार को शाम को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ठाकरे ने शोक संतप्त परिवारों के दुख को साझा किया। राज्य में 10 अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।

रायगढ़ जिले में महाड तालुका के तलीउ और माधलीवाड़ी, रत्नागिरी जिले में गोवाले सखर सुतरवाड़ी, केवनाले, पोलादपुर के साथ-साथ खेड़, सतारा जिले के पाटन तालुका में मीरगांव, उसी जिले के वाई तालुका में अंबेघर, हुंबराली, ढोकवाले और कोंडवाली और मोजेजोर शामिल हैं।

ठाकरे ने प्रत्येक मृतक के उत्तराधिकारियों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही इन हादसों में घायलों का इलाज का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।