अजमेर दक्षिण सीट पर रोचक जंग, अपनों से जूझ रही कांग्रेस

rajasthan assembly elections 2018 : poll battle in Ajmer south assembly sete

अजमेर। राजस्थान में अजमेर जिले की आठ विधानसभा सीटों में सबसे रोचक मुकाबला अजमेर दक्षिण (सुरक्षित) पर होने की उम्मीद है।

अजमेर दक्षिण सीट पर पिछले पांच विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और भाजपा ने कोली समुदाय से ही उम्मीदवार बनाया है। इनमें कांग्रेस को 1998 में मात्र एक बार जीत मिली है बाकी चार बार भाजपा ने जीत का परचम लहराया है।

यहां कोली समुदाय के 35000 वोट हैं और इस समुदाय से तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस से हेमंत भाटी, भाजपा से वसुंधरा राजे सरकार की कैबिनेट मंत्री अनिता भदेल तथा हेमंत भाटी के बड़े भाई ललित भाटी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में है।

इसके साथ ही रैगर समुदाय के 40 हजार वोट है लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने कभी भी इस समुदाय से उम्मीदवार नहीं बनाया। रैगर समुदाय हर बार दोनों दलों से टिकट की मांग करते रहे हैं। इस बार रैगर समुदाय से राकेश सिवासिया ने निर्दलीय के रूप में पर्चा दाखिल करके चुनाव रोचक बना दिया है।

राजनीति के जानकारों की माने तो क्षेत्र में कोली वोटों का बंटवारा हुआ और रैगर समुदाय ने एक होकर वोट दिया नतीजे कुछ और ही देखने को मिल सकता है।

कांग्रेस के अजमेर प्रभारी विजय जैन ने बताया कि अजमेर दक्षिण की सीट पर करीब 26000 हजार मुस्लिम मतदाता हैं जिसका ज्यादातर वोट उनके पार्टी को मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा नौ हजार राजपूत मतदाता हैं तथा चार हजार रावणा राजपूत के वोट हैं जिसके कांग्रेस के पक्ष में जाने की उम्मीद है।

जैन का मानना है कि पिछले पांच साल में भाजपा की सरकार ने जो वादा किए वे जस के तस है और भाजपा ने लोगों को गुमराह करने के अलावा कोई काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले पांच साल में अजमेर की जबरदस्त उपेक्षा की है जो यहां के विधायकों की नाकामी को उजागर करती है।

जैन ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था की हालत बदतर है। पुलिस से लोगों का भरोसा उठ चुका है। अपराधियों के हौसले बुलंद है। शहर में हत्या जैसी संगीन वारदातें हो रही है और हत्यारे पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। लोगों में अपनी सुरक्षा को लेकर भय का वातावरण है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकार अपने वादे को पूरा करने के मामले में पूरी तरह विफल रही है। इसके अलावा महंगाई, रोजगार और भ्रष्टाचार के मुद्दे भी जनता के सामने है।

गौरतलब है कि अनिता भदेल पिछले तीन विधानसभा चुनाव में लगातार विजय होती रही है। पिछला चुनाव उन्होंने 29000 वोटों से जीता था। अनीता कोली समुदाय की सबसे लोकप्रिय नेता है। इसके साथ ही सिंधी और माली समुदाय के लोग भाजपा के पारंपरिक वोटर हैं। अजमेर दक्षिणी सीट पर 21000 सिंधी मतदाता हैं जबकि माली मतदाताओं की संख्या 13000 है।

एक तरफ अनिता भदेल जहां अपने काम के बूते अपनी जीत को सुनिश्चित करने के दावे कर रही है वहीं कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत भाटी सत्ता विरोधी लहर तथा अजमेर उपचुनाव में अजमेर दक्षिण की सीट पर कांग्रेस की सात हजार मतों से जीत को लेकर उत्साहित है।

फरवरी 2017 में हुए लोकसभा उपचुनाव में अजमेर दक्षिण की सीट पर कांग्रेस ने पिछले 20 साल में पहली बार बढत लेकर जीत हासिल की है। अजमेर दक्षिण की सीट पर करीब दो लाख छह हजार मतदाता है। गौरतलब है कि राज्य में सात दिसंबर को मतदान होगा और तथा 11 दिसंबर को मतगणना कराई जाएगी।