नैतिकता के आधार पर गृहमंत्री का पद छोड़ें अशोक गहलोत : सतीश पूनिया

जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने राज्य में कानून व्यवस्था की बदहाली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गृहमंत्री के रूप में पूरी तरह विफल हो चुके अशोक गहलोत को नैतिकता के आधार पर गृहमंत्री का पद छोड़कर पूर्णकालिक गृहमंत्री की नियुक्ति करनी चाहिए।

डाॅ. पूनियां ने टोंक में बच्ची के बलात्कार और हत्या की घटना को राज्य पर कलंक बताते हुए दोषियों को तुरन्त गिरफ्तार करके सजा दिलवाने, बच्ची के परिजनों को सरकार की तरफ से 20 लाख रूपए मुआवजा देने एवं इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि पिछले 24 घण्टे में ही टोंक में छह वर्ष की बालिका से दुष्कर्म के बाद हत्या, चूरू में बालिका से दुष्कर्म, टोंक में ही बजरी माफियाओं द्वारा कांस्टेबल की हत्या, राजधानी जयपुर में सरेआम गोलियां चलने की घटनाओं के अलावा दर्जनों ऐसी वारदात हैं, जो साबित करती हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि आश्चर्य की बात है कि जिस विभाग के मंत्री खुद मुख्यमंत्री हैं, उस विभाग के अधीन राजस्थान पुलिस अपराधियों को पकड़कर कानून का राज लाने की बजाय भ्रष्टाचार में अव्वल बनी हुई है और अपराधी बेखौफ होकर संगीन वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस कुछ नहीं कर पा रहीं है। लोग डरे हुए है और सरकार गहरी नींद में सोई हुई है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद घट रही शर्मनाक घटनाएं देशभर में राजस्थान को शर्मसार कर रही हैं। पिछले एक वर्ष में अपराध की घटनाएं डेढ़ गुना तक बढ़ गई हैं, महिलाओं और छोटी बच्चियों के खिलाफ होने वाली अपराध की घटनाएं बेतहाशा बढ़ी हैं।