कन्हैयालाल हत्याकांड राज्य सरकार, पुलिस-प्रशासन, इंटेलिजेंस और गृह विभाग की लापरवाही : सतीश पूनियां

उदयपुर। राजस्थान के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने कन्हैयालाल हत्याकांड के लिए राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन, इंटेलिजेंस और गृह विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि राज्य सरकार कन्हैयालालजी को सुरक्षा उपलब्ध कराती तो यह हालात नहीं बनते।

डॉ. पूनियां ने कन्हैयालाल के घर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत में आज यह बात कही। उन्होंने कहा कि हत्यारों को फांसी हो, जिससे यह संदेश देश और दुनिया में जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा राजस्थान परिवार कन्हैयालालजी के परिवार के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कन्हैयालाल के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कन्हैयालाल शहीद हो गए लेकिन एनआईए की जांच से बहुत सारी चीजें उजागर होंगी, हो सकता है कोई बहुत बड़ी वारदात संभव थी, जिस तरीके से पिछले कई वर्षों में इस शांत प्रदेश और शहर में एक पूरा रेडिकल ग्रुप काम कर रहा था।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में बनने के बाद देश में कोई बडी आतंकवादी घटना नहीं हुई। बीस प्रतिशत घटनाएं कम हुई हैं। दो घटनाएं वर्ष 2016 में आतंकवादी हमले की हुई थी और उसका सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के जरिए माकूल जवाब भी दिया गया था और उसके बाद से इस तरीके की कोई बड़ी घटना नहीं हुई।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उदयपुर की इस घटना से जो चीजे सतह पर थी वो ऊपर आई हैं, एक बात राजस्थान के संदर्भ में समझ में आती है कि राजस्थान की गुप्तचर एजेंसियों की कमजोरी, राजस्थान सरकार की कमजोर और लचर कानून व्यवस्था जिसके कारण अलगावादियों को लगा होगा कि इस शांतिप्रिय प्रदेश में इन गतिविधियों को आराम से कारित किया जा सकता है।

उदयपुर जैसे शहर को टारगेट करने का मकसद भी शायद यही होगा कि एकदम सूदूर दक्षिण के इस शांत शहर में इस तरीके की घटनाएं कभी नहीं हुई। राजस्थान सरकार की कानून व्यवस्था एवं गृह विभाग की जो स्थिति है, पुलिस प्रशासन कि जो लापरवाही है और खासतौर पर जो इंटेलिजेंस की कमजोरी है, वो साफतौर पर समझ में आती है।

डा पूनियां ने कहा कि इस घटना से सबक लेने की जरुरत तो है ही, एनआईए ने जब इसको हाथ में लिया है, इतनी तत्परता के साथ, कोई न कोई कारण तो रहा होगा। उन्होंने कहा कि कन्हैयालाल का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा लेकिन अभी लगातार धमकियों का सिलसिला भी है, भय भी है, इसलिए कन्हैयालाल के परिवार को माकूल सुरक्षा मिले, इस बात की कोशिश राजस्थान सरकार को करनी चाहिए। दूसरा जितनी जल्दी से जल्दी इसमें कानूनी प्रक्रिया को तेज किया जा सके और एक नजीर बन जाए कि इस तरीके से कोई घटना कारित करता है तो उसका अंजाम क्या होता है।