राजस्थान में शीघ्र मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत, ये बन सकते हैं मंत्री

जयपुर। राजस्थान में गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल शीघ्र होने के संकेत मिले हैं। सूत्रों ने बताया है कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहमत है तथा पार्टी आलाकमान इससे शीघ्र मूर्त रूप देना चाहता है।

मंत्रिमंडल विस्तार एवं फेरबदल के बारे में प्रदेश के प्रभारी महासचिव अजय माकन गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से संपर्क बनाए हुए है। माकन ने कई बार मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत दिए हैं लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ। यह माना जा रहा है कि गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार के पक्ष में तो है लेकिन वे किसी मंत्री को हटाना नहीं चाहते हैं।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में विधायकों से की गई सुनवाई से दौरान माकन को कई मंत्रियों के बारे में शिकायतें मिली थी तथा इस आधार पर यह माना जा रहा है मंत्रिमंडल विस्तार के साथ कुछ मंत्रियों को हटाया जा सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं कई बार चलीं लेकिन उस पर अमल नहीं होने पर पार्टी नेताओं में निराशा का माहौल भी है। इस बीच मंत्रिमंडल विस्तार का फिर शगुफा छुटने से इस पर चर्चाओं का बाजार फिर गर्म हो जाता है।

यह कहा जा रहा है कि विधानसभा के सत्र से पहले या एक सितम्बर के पहले मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। यदि इसमें भी देरी हुई तो फिर एक दो सप्ताह का समय और बढ जाएगा। मंत्रिमंडल विस्तार में 12 ऐसे जिले हैं जिनका अभी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं है। यह माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विसतार में इन जिलों को महत्व दिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार प्रदेश के जिन 12 जिलों से गहलोत मंत्रिमंडल में कोई भी मंत्री नहीं है उनमें टोंक, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, श्रीगंगानगर, झुंझुनूं, सिरोही, चूरू, धौलपुर, सवाई माधोपुर, हनुमानगढ़, डूंगरपुर और करौली शामिल हैं। इन जिलों से फिलहाल गहलोत मंत्रिमंडल में एक भी मंत्री को नहीं लिया गया है।

ऐसा भी कहा जा रहा है कि विधानसभा सत्र से पहले और जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के बाद सितंबर माह के पहले सप्ताह में मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार किया जा सकता है? प्रभारी अजय माकन बार-बार यह संकेत दे रहे हैं कि उनका हाईकमान के साथ-साथ सीएम गहलोत और सचिन पायलट से निरंतर संपर्क हो रहा है। दोनों के बीच कुछ मसले हैं उन्हें समाप्त करने की कोशिश हो रही है। संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाने के लिए कुछ मंत्रियों को हटाए जाने की बात भी सामने आ रही है। इनकों संगठन में लिया जा रहा है।

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प्रदेश के 12 जिलों में कांग्रेस और समर्थित विधायकों को मंत्रिमंडल में लेने की चर्चा उनमें टोंक जिले में सचिन पायलट, हरीश मीणा, प्रशांत बैरवा, झुंझुनूं जिले में ड़ॉ जितेंद्र सिंह, रीटा चौधरी, डॉ.राजकुमार शर्मा, बृजेंद्र ओला, राजेंद्र गुढ़ा,चूरू जिले में नरेंद्र बुडानिया, भंवर लाल शर्मा, मनोज मेघवाल, धौलपुर जिले में खिलाड़ी लाल बैरवा, गिरिराज मलिंगा, रोहित बोहरा, भीलवाड़ा जिले में रामलाल जाट, गायत्री देवी, सवाई माधोपुर जिले में अशोक बैरवा, दानिश अबरार, इंदिरा मीणा, हनुमानगढ़ जिले में विनोद लीलावाली, अमित चाचान, करौली जिले में रमेश मीणा, भरोसी लाल जाटव, पीआर मीणा, लाखन सिंह मीणा, श्रीगंगानगर जिले में गुरमीत सिंह कुन्नर, जगदीश जांगिड़, राजकुमार गौड़, प्रतापगढ़ जिले में रामलाल मीणा,डूंगरगढ़ जिले में गणेश घोगरा,सिरोही जिले में निर्दलीय संयम लोढ़ा शामिल है।