कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना राज्य सरकार का दायित्व : अशोक गहलोत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसी भी सरकार के शासन में उसके कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान बताते हुए कहा है कि ऎसे में कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना सरकार का दायित्व बनता है।

गहलोत प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू किए जाने पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमण्डल ने उनका धन्यवाद ज्ञापित करने के अवसर पर आज यह बात कही।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 के बजट में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का फैसला मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर लिया गया है। जीवन के अहम वर्ष सरकार को देने वाले अधिकारी-कर्मचारी को अपने बुढ़ापे में किसी तरह की चिंता नहीं रहे और उन्हें सामाजिक सुरक्षा मिले, यहीं सोचकर ओपीएस को प्रदेश में लागू किया है।

उन्होंने राज्य के कर्मचारियों को यह आश्वासन दिया कि ओपीएस लागू करने के क्रम में केन्द्र से आने वाली बाधाओं का समाधान राज्य सरकार तत्परता से करेगी। गहलोत का मुख्यमंत्री निवास पर ओपीएस, मंत्रालयिक संवर्ग में 8400 पद सृजित करने, आरजीएचएस में अंशदान, कई बोर्ड निगमों में 7वें वेतन आयोग को लागू करने, मृत कर्मचारी के आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति के पुराने मामलों का निस्तारण सहित कई कर्मचारी हितेषी फैसले लेने के लिए आरटीडीसी कर्मचारी संघ, राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ एकीकृ़त, राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ, वाणिज्य कर कर्मचारी संघ, रोड़वेज कर्मचारी संघ सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ के नेतृत्व में आभार जताया।

कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि राजस्थान सरकार ने इस ऎतिहासिक फैसले से पूरे देश में मिसाल पेश की है। इससे प्रदेश के कर्मचारी वर्ग में उत्साह का माहौल है।