सरकार बनाने में सबसे बडी भूमिका संगठन की होती है : अशोक गहलोत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनाने में सबसे बड़ी भूमिका संगठन की होती है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी यदि कोई प्रस्ताव पारित कर यदि सरकार को अवगत करवाये तो सरकार उसकी पालना करेगी।

गहलोत आज बिडला सभागार में प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रदेश स्तरीय अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उनहोंने कहा कि कांग्रेस सरकार जनभावनाओं के अनुसार योजनाएं बनाने तथा नीतिगत निर्णय लेने का कार्य करने की सोच रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं एवं निर्णयों में संगठन को योगदान प्रदान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां एकजुट होकर स्थानीय जनआकांक्षाओं के आधार पर प्रस्ताव पारित करे तो स्थानीय प्रशासन को उक्त प्रस्ताव पर कार्य करना ही पड़ेगा क्योंकि स्थानीय प्रशासन को इस बात की भलीभांति जानकारी है कि प्रस्तावों का सम्मान नहीं करने पर राजधानी जयपुर में उनके विरूद्ध कार्यवाही की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश का बजट विभिन्न माध्यमों से जनता के बीच सीधा प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेस कार्यकर्ता बजट भाषण को अपने परिचितों के साथ सुनें जिससे बजट घोषणाएं एवं निर्णयों की जानकारी सभी प्रदेशवासियों तक पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में जनता के लिये ना सिर्फ बेहतरीन बजट दिया बल्कि बजट घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से लागू कर प्रदेश का विकास भी किया है।

गहलोत ने कहा कि बहुत लम्बे अर्से के बाद प्रदेश कांग्रेस का अधिवेशन आहूत हुआ है इसके लिए प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि यह अधिवेशन कांग्रेस के संगठन की मजबूती की ओर बढ़ता एक कदम है। उन्होंने कहा कि अधिवेशन के माध्यम से सभी कांग्रेसजनों को आपस में संवाद करने का मौका मिलता है तथा मेल-मिलाप बढ़ता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवार के सदस्यों को जितना आपस में मिलवाया जाए तथा कार्यों में व्यस्त रखा जाए, उतनी ही कांग्रेस मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की संस्कृति है कि जितना व्यस्त रहें उतना ही स्वयं को एवं संगठन को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि अधिवेशनों के माध्यम से संगठन के कार्य करने का मौका मिलता है तथा लोगों की प्रतिभा सामाने आती है। उन्होंने कहा कि आशा है जल्द ही पुनः कांग्रेस का अधिवेशन आयोजित होगा जिसमें सभी कांग्रेस कार्यकर्ता साथ बैठकर सिद्धांतों एवं उसूलों की बात करेंगे।

अधिवेशन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं की भावना है कि कांग्रेस का अधिवेशन चाहे जिला अथवा ब्लॉक स्तर पर हो, सभी कार्यकर्ता नेताओं के साथ संवाद चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री माह में एक दिवस का समय संगठन के पदाधिकारियों से संवाद करने के लिए तय करें तो प्रदेशभर से फीडबैक उन तक पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में जनसुनवाई करने हेतु सर्कुलर निकाला हुआ है किन्तु कोरोना महामारी के कारण इस आदेश की पालना में विलम्ब हुआ है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी अधिकारियों को ग्राम पंचायत एवं क्लस्टर के स्तर पर जन सुनवाई करने हेतु आदेशित किया जाये तथा सभी विधायक एवं जनप्रतिनिधिगण और कांग्रेस पदाधिकारी ब्लॉक स्तर पर होने वाली इस जन सुनवाई में भाग लेकर जनसमस्याओं के निराकरण में अपनी भूमिका निभाएं।

डोटासरा ने कहा कि सभी नवनियुक्त अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को एक-एक जिला प्रभार के रूप में दिया जाना चाहिये जहॉं कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं नेताओं की जन सुनवाई कर जनहित के कार्य करवाने में सरकार एवं संगठन के बीच सेतु स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि सभी आयोग एवं निगमों के नवनियुक्त अध्यक्ष महिने में एक दिन अपने प्रभार वाले जिले में जाएं और कार्यकर्ताओं की सुनवाई कर समस्याओं के तत्काल निराकरण हेतु कार्य करें।

अधिवेशन को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने वीडियो कांफ्र्रेसिंग से संबोधित किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि अधिवेशन में प्रदेश सरकार के 2022-2023 के आम बजट में प्रावधान रखने हेतु सुझाव का प्रस्ताव राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र सिंह द्वारा रखा गया जिसका अनुमोदन प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सचिव ललित तूनवाल ने किया। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की विफलताओं की निन्दा प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजेन्द्र चौधरी ने रखा जिसका अनुमोदन प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रतिष्ठा यादव ने किया।