कांग्रेस के मंत्रियों को नोट लेते टीवी पर पूरे देश ने देखा : वसुंधरा राजे

rajasthan gaurav yatra 2018 : CM Vasundhara Raje visits jalore
rajasthan gaurav yatra 2018 : CM Vasundhara Raje visits jalore

जालौर। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस सरकार में राज्य के तीन मंत्रियों को नोटों के बंडल लेते हुए पूरे देश ने टीवी पर देखा था।

राजे ने जालोर जिले में सुंधा माता की पहाड़ियों के नीचे आयोजित एक जनसभा को सम्बोधित करते हुये सवाल किया कि क्या वे ऐसे लोगों की सरकार बनाएंगे, जिनका दीन-ईमान ही पैसा हो और जिनकी रग-रग में भ्रष्टाचार समाया हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने राज्य को कंगाल बताकर बदनाम किया हैं।

उन्होंने कहा कि एक तो कांग्रेस की सरकार थी जिसके मुख्यमंत्री दिल्ली, मुम्बई और बड़े बड़े महानगरों में जाकर कहते थे कि हमारे पास विकास के लिए पैसा नहीं है। हमारा राज्य कंगाल है। इसलिए हम राजस्थान का विकास नहीं करा सकते और दूसरी तरफ हमारी भाजपा सरकार है जो कहती है विकास के लिए पैसों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि पैसों की कमी किसी के पास नहीं होती, कमी होती है सेवा भाव और दृढ़ इच्छा शक्ति की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मंच पर बुलाकर सरकारी योजनाओं के लाभान्वितों को सम्मान दे रही है। जबकि कांग्रेस लाभान्वितों के बारे में बयान देकर उनका अपमान कर रही है। प्रदेश में करोड़ों लाभार्थी हैं जिन्होंने करीब 165 सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया है।

प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, भामाशाह, भामाशाह स्वास्थ्य, पालनहार, ग्रामीण गौरव पथ जैसी कई योजनाओं ने उनका जीवन बदला है। राजे ने कहा कि स्कूल खोलने और स्कूलों को क्रमोन्नत करने में उनकी सरकार ने कभी भी कांग्रेस की तरह भेदभाव नहीं किया। हमने एक झटके में 65 सौ स्कूल क्रमोन्नत किए।

किसानों के कर्जे माफ करने की चर्चा करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में 50 साल तक कांग्रेस का शासन रहा, उसके बावजूद कांग्रेस ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए सिर्फ बढ़-चढ़कर बातें ही की, लेकिन किया कुछ नहीं।

राजे ने कहा कि विकास की गाड़ी इन साढे चार सालों में पटरी पर आई है। विकास की तेज दौड़ती हुई इस गाड़ी को पटरी पर से नहीं उतारे, इसे और दौड़ने दें ताकि राजस्थान भी गुजरात, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की तरह विकास की दौड़ में आगे निकल सके।