राजस्थान : किसानों एवं उद्योगों के बिजली-पानी के बिल दो महीने स्थगित

जयपुर। राजस्थान में राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के कारण आए संकट से किसानों, उद्योगों एवं आमजन को राहत देने के लिए बिजली, पानी के बिलों के भुगतान को दो महीने के लिये स्थगित करने का निर्णय किया है।

गहलोत की अध्यक्षता में गुरुवार को उच्च स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके अनुसार औद्योगिक प्रतिष्ठानों के विद्युत कनेक्शन के मार्च एवं अप्रैल के जो अप्रैल एवं मई में जारी होंगे, उनमें स्थाई शुल्क को लॉकडाउन अवधि के अनुपात में 31 मई स्थगित किया है। इससे लघु, मध्यम एवं बड़ी औद्योगिक इकाइयों के करीब एक लाख 68 हजार उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।

इसी प्रकार राजकीय प्रतिष्ठान एवं लॉकडाउन से मुक्त प्रतिष्ठानों को छोड़कर अन्य सभी अघरेलू (व्यावसायिक यथा-पर्यटन से संबंधित प्रतिष्ठान, शोरूम, दुकान, होटल, वर्किंग हॉस्टल आदि) के करीब 11 लाख कनेक्शनों के मार्च एवं अप्रैल के विद्युत बिलों के स्थाई शुल्क को लॉकडाउन अवधि के अनुपात में 31 मई तक स्थगित किया गया है।

किसानों को संबल देने के लिए कृषि उपभोक्ताओं के मार्च में जारी बिल एवं अप्रैल एवं मई में जारी होने वाले बिलों का भुगतान भी 31 मई तक स्थगित करने का निर्णय किया है। इससे प्रदेश के करीब 13 लाख किसानों को लाभ मिलेगा।

राज्य सरकार ने ऎसे कृषि एवं घरेलू कनेक्शन जो बकाया राशि के कारण 31 मार्च से पहले काटे गए थे, उनके लिए एमनेस्टी योजना की अवधि भी 30 जून तक बढ़ा दी गयी है, इससे किसानों को करीब 45 करोड़ रूपए की छूट का लाभ मिल सकेगा और उनके काटे गए कनेक्शन फिर चालू हो सकेंगे।

कोरोना संकट के कारण घरेलू उपभोक्ताओं को विद्युत बिलों के भुगतान में आ रही परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने 150 यूनिट प्रतिमहीने तक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं के मार्च एवं अप्रैल के बिलों का भुगतान स्थगित करने का निर्णय किया है। इन बिलों का भुगतान उपभोक्ता मई में जारी होने वाले बिलों की राशि के साथ कर सकेंगे। इससे प्रदेश के करीब एक करोड 5 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

इसी तरह कृषि एवं घरेलू श्रेणियों के सभी उपभोक्ता 31 मई बिलों का भुगतान करेंगें तो उन्हें आगामी बिल में भुगतान की गई राशि की 5 प्रतिशत छूट दी जाएगी। सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को यह राहत देने के लिए राज्य सरकार करीब 650 करोड़ रूपए डिस्कॉम्स को उपलब्ध करवाएगी।

राज्य सरकार किसानों की परेशानी को देखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अगले एक महीने में 700 करोड़ रूपए के प्रीमियम का भुगतान और करेगी, ताकि खरीफ-2019 तक के पूर्ण राज्यांश प्रीमियम का भुगतान हो सके और किसानों को लंबित क्लेम का भुगतान हो सके। पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार प्रीमियम के रूप में 2034 करोड़ रूपए का भुगतान कर चुकी है।

किसानों को कोरोना संकट में राहत देने के लिए अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के 5 लाख किसानों को पांच किलोग्राम की दर से निशुल्क संकर मक्का बीज के मिनिकिट वितरित किए जाएंगे। राज्य के समस्त आम उपभोक्ताओं को पेयजल बिलों के भुगतान से राहत प्रदान करते हुए मार्च एवं अप्रैल के बिलों का भुगतान स्थगित किया गया है। इनका भुगतान उपभोक्ता जून में कर सकेंगे।

स्वास्थ्यकर्मियों को मिले सुरक्षा, पानी-बिजली के तीन माह के बिल हों माफ : पूनिया