पूर्व मंत्री ओटाराम देवासी ने सरकार और सिरोही विधायक पर साधा निशाना

सिरोही में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते पूर्व मंत्री ओटाराम देवासी।
सिरोही में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते पूर्व मंत्री ओटाराम देवासी।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के दो साल पूरे होने पर पूर्व मंत्री एवं सिरोही के पूर्व विधायक ओटाराम देवासी ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार और सिरोही के निर्दलीय विधायक जनता से किए हुए वायदों को पूरा करने में विफल रहे हैं।

देवासी ने दावा किया कि मेडीकल कॉलेज केन्द्र सरकार की देन है और इसके लिए स्थानीय सांसद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वहीं उन्होंने सिरोही में खेल मैदान बनाने के संबंध में कहा कि पूर्व कलक्टर वी सरवन के समय से मिनी सचिवालय और खेल मैदान की पत्रावलियां चल रही थी।

हर नगर पालिका क्षेत्र में एक एक जीएसएस स्वीकृत किया था। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने जिले की हर नगर पालिका क्षेत्र में विकास का काम किया था। सिरोही शिवगंज में वही विकास दिख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जावाल कैलाशनगर सड़क 2018 में स्वीकृत हुई थी, आज तक पूरा नहीं हुई। इसी तरह जावाल बरलूट व सियाकरा की सड़कों की स्थिति है।

उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में आल्पा, मेर मांडवाड़ा, अणदौर आदि में पांच हॉस्पीटल बनाए गए थे। आबूरोड और सिरोही के सीवरेज की घोषणा भी वसुंधरा सरकार के समय की है।

उन्होंने हाल में सिरोही में चिकित्सकों की नियुक्ति की सूची पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दो साल में जिले में चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो पाई यह सोचनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्दलीय विधायक ने जो वादे किए थे वे उन्हें निभाने में नकाम साबित हुए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली का बिल अनापशनाप बढ़ाया है। बिजली का बिल हाथ में करंट लेकर आता है। इससे लोगों में आक्रोश है। बिजली के मुद्दे पर जन आंदोलन खड़ा नहीं कर पाने पर उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण यह नहीं हो पाया।

12 साल बाद माना नर्मदा का मुद्दा फिजीबल नहीं

प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री और सिरोही के पूर्व विधायक ने पहली बार इस बात को माना कि नर्मदा का पानी सिरोही लाना फिजीबल नहीं होने के कारण सिरोही की पेयजल आपूर्ति के लिए बत्तीसा नाला परियोजना की स्वीकृति की गई थी। उन्होंने बताया कि भविष्य में इससे सिरोही की पेयजल आपूर्ति की जानी है।

वैसे सार्वजनिक तौर पर ओटाराम देवासी ने अब यह घोषणा की है कि नर्मदा का पानी सिरोही ला पाना फिजीबल नहीं थी। वैसे इससे पहले करीब पांच साल पहले तत्कालीन जलदाय मंत्री ने सिरोही दौरे के दौरान यह बात कही थी कि नर्मदा का पानी सिरोही ला पाना फिजिबल नहीं है। लेकिन, इसके बाद भी यह मुद्दा चलता रहा था।