राजस्थान देश का शक्ति स्थल : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

President Ram Nath Kovind in jaipur
President Ram Nath Kovind in jaipur

जयपुर। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने राजस्थान को देश का शक्ति स्थल बताते हुए कहा है कि पोकरण में हुए परमाणु परीक्षण ने विश्व में भारत को शक्तिशाली देशों की कतार में खड़ा करने में अह्म योगदान दिया है।

कोविंद ने रविवार को राजस्थान सरकार की ओर से आयोजित नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में सामाजिक न्याय की विभिन्न योजनाओं का लोकापर्ण करते हुए कहा कि पोकरण में किए गए श्रृंखलाबद्ध परमाणु परीक्षणों ने देश के गौरव को बढाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इन परमाणु परीक्षणों के कारण ही भारत परमाणु शक्ति संपन्न देश बना है।

उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य में लम्बी अंतरराष्टीय सीमा के बावजूद राजस्थान ने प्राकृतिक और मानवीय चुनौतियों का मुकाबला कर प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढाया है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान न केवल शूरवीरों की जननी के रूप में बल्कि आध्यात्म और शांति एवं सदभाव के लिए भी अपनी पहचान बनाई है। कोविंद ने मीरा बाई का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने संत रविदास को अपना गुरू बनाकर एक नई मिसाल कायम की।

उन्होंने राज्य सरकार की पूर्व उपराष्ट्रपति एवं पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत अन्त्योदय स्वरोजगार योजना और पूर्व राज्यपाल सुंदर सिंह भंडारी ईबीसी स्वरोजगार योजना का लोर्कापण करते हुए कहा कि गरीब और पिछड़े लोगों के उत्थान में यह योजनाएं सहायक होगी। उन्होंने कहा कि इन दोनों ने आजीवन गरीब एवं सर्वहारा वर्ग के उत्थान में अपना जीवन खपा दिया।

उन्होंने राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई अनुसूचित जाति-जनजाति, ओबीसी, सफाई कर्मचारी और दिव्यांगों को स्वरोजगार के लिए ऋण एवं ब्याज माफी योजना की भी तारीफ की।

कोविंद ने राजस्थान के पांच शहरों को स्मार्टसिटी में शामिल करने का जिक्र करते हुए कहा कि इससे प्रदेश की धरोहर के संरक्षण से पर्यटन को बढावा मिलेगा और पर्यटन क्षमता में भी वृद्धि होगी, जिससे युवाओं में रोजगार के अवसर भी बढेंगे।

उन्होंने राजस्थान के स्थापत्य और महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि लोकतंत्र का प्रतीक राष्ट्रपति भवन में भी यहां की स्थापत्य कला का चित्रण बना हुआ है। राष्ट्रपति भवन में राजस्थान के जैसलमेर, अलवर और मकराना के पत्थर लगे हुए है और मुख्य द्वार पर जसपुर का कॉलम बना हुआ है जो सदैव उन्हें राजस्थान से जोड़े रखता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोग अपनी मेहनत और कार्य क्षमता के माध्यम से विश्व के आर्थिक क्षेत्र में भी अपनी प्रतिष्ठा कायम की है।

उन्होंने राजस्थान में अपने बिताए समय के संस्मरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की इन्द्रधनुषी प्रकृति और संस्कृति से वह सदैव अभिभूत रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान के जनजीवन को नजदीक से देखा है और यहां के लोगों का अपनी माटी, भाषा और मानवीय मूल्यों के प्रति लगाव अदभुत रहा है। उन्होंने राज्यपाल कल्याण सिंह को अनुभवी और कार्यकुशलता तथा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आर्थिक, सामाजिक और जनहितेषी कार्यों की सराहना भी की।
कार्यक्रम में सिंह ने राष्ट्रपति को सादगी की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि उन्हें अभिनंदन कर पूरा राज्य गौरांवित महसूस कर रहा हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई भैरोंसिंह शेखावत अन्त्योदय स्वरोजगार योजना और सुंदर सिंह भंडारी इबीसी स्वरोजगार योजना प्रदेश के कमजोर वर्ग को मुख्य धारा में लाने में अहम भूमिका निभाएगी।

उन्होंने गत चार सालों में राज्य में चलाई गई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा कर राजस्थान को बीमारू राज्यों की श्रेणी से बाहर ला दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में लागू की गई नवीन योजनाओं के कारण प्रदेश अब 26वें पायदान से उठकर देश में दूसरे पायदान पर पइुंच गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए अम्बेडकर जयंती के दिन पूरे प्रदेश की पंचायतों में अम्बेडकर भवन निर्माण की नींव रखी है और इस वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए छात्रवृतियां देने के साथ ही अनेक कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करने में राज्य सरकार पूरी तरह जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि जयपुर की 1500 करोड़ रुपए की द्रव्यवती नदी प्रोजेक्ट और रिंग रोड योजना का लोर्कापण आगामी पन्द्रह अगस्त को कर दिया जाएगा।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने भैरोसिंह शेखावत अन्त्योदय स्वरोजगार योजना, सुंदर सिंह भंडारी इबीसी स्वरोजगार योजना के लांभावितों को पचास पचास हजार रूपए के चैक और अनुसूचित जाति, जन जाति, अत्यंत पिछडा वर्ग तथा दिव्यांगों को ऋण माफी प्रमाण पत्र वितिरत किए। प्रारंभ में महापौर अशोक लाहौटी ने आगंतुकों का स्वागत किया तथा अंत में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने आभार व्यक्त किया।