डोटासरा के 3 परिजनों के 80 अंक से छिडा विवाद, बीजेपी के कटारिया ने घेरा

जयपुर। राजस्थान में विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने राजस्‍थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राजस्‍थान प्रशासनिक सेवा के परीक्षा परिणामों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि इस संस्‍था का किस प्रकार हास हो सकता है, यह किसी ने भी नही सोचा था।

कटारिया ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि यह सब भी वह भी ऐसे अध्‍यक्ष के कार्यकाल में जो पुलिस की सेवा मे रहते हुए एक अच्‍छे ईमानदार अफसर के रूप में जाना जाता है, लेकिन इस परीक्षा परिणाम ने उन पर भी सवालिया चिन्‍ह लगा दिए हैं और सत्‍तारूढ कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्‍यक्ष तथा शिक्षा मंत्री गोविन्‍द सिंह डोटासरा जो बहुत ही योग्‍य निष्‍पक्ष और ईमानदार होने की छवि की ढींग हांकते हैं, पर इन परिणामों ने और उसमे प्राप्‍त अंकों से उनकी योग्‍यता तथा ईमानदारी पर कई प्रश्‍नवाचक चिन्‍ह लगा दिए हैं जिनका उत्‍तर मुख्‍यमंत्री को देने हैं।

कटारिया ने कहा कि एक तो इनके तीनों परिवारजन साक्षात्‍कार में 80 प्रतिशत अंक प्राप्‍त करते हैं। यह आश्‍चर्यजनक परिणाम हैं या तो तीनों के इंटरव्‍यू एक ही साथ एक ही व्‍यक्ति ने लिया होगा और सबके जवाब प्रार्थियों को पूर्णतया उत्‍तर देने मे सक्षम बना दिए गए हैं।

कटारिया ने कहा कि यह परिणाम लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर प्रश्‍नचिन्‍ह लगा रहा है। दूसरी ओर उन योग्‍यतम विद्यार्थियो के जीवन के साथ खिलवाड करने का दृश्‍य भी उपस्थित कर रहा हैं। उन्होंने कहा कि मुख्‍यमंत्री अशोक गहलो में न्‍याय के प्रति थोडी भी आस्‍था है तो वह डोटासरा को प्रदेशाध्‍यक्ष एवं शिक्षा मंत्री पद से तुरन्‍त मुक्‍त करे और उच्‍च स्‍तरीय जांच बैठाए। इसके अलावा लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर तुरन्‍त सख्‍त कदम उठाए तब तो प्रदेश के लाखों होनहार बच्‍चों के साथ न्‍याय हो सकेगा।