कांस्टेबल भर्ती व अन्य परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के 11 लोग अरेस्ट

Rajasthan Police Constable Exam : Cheating gang arrested in jodhpur
Rajasthan Police Constable Exam : Cheating gang arrested in jodhpur

जोधपुर। राजस्थान में चौदह एवं पन्द्रह जुलाई को होने वाली पुलिस कांस्टेबल भर्ती तथा अन्य परीक्षाओं में नकल कराने के गिरोह का पर्दाफाश कर जोधपुर में काेचिंग सेंटर संचालक सहित ग्यारह लोगों को गिरफ्तार किया गया हैं।

पुलिस के अनुसार प्रस्तावित कांस्टेबल, प्रयोगशाला सहायक एवं एलडीसी तथा अन्य परीक्षाओं में नकल गिरोह सरगना एवं ईनामी वांछित जगदीश विश्नोई के भाई एवं कोचिंग सेंटर संचालक भीखाराम जाणी एवं उसके सहयोगी अरुण पंवार तथा सुरेश विश्नोई सहित ग्यारह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने बताया कि जालोरी गेट पर अनुपम क्लासेज चलाने वाले भीखाराम एवं उसके सहयोगी पहले परीक्षा में पास होने के इच्छुक युवकों को प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाते और अपने कोचिंग संस्थान के पूर्व छात्रों में से होशियार छात्रों का चयन करते।

इनमें परीक्षार्थी और होशियार छात्र के हुलिये को मिलाकर कंप्यूटर पर दोनों की फोटो की मिक्सिंग करवाकर नई फोटो तैयार कर प्रवेश पत्र पर चिपकाते थे। इसके बाद उनकी नकली परीक्षार्थी को परीक्षा में बैठाने की तैयारी थी।

इन तीनों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आठ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया, जिसमें फोटो स्टूडियों चला रहे रमेश प्रजापत तथा अन्य रामदीन विश्नोई, रघुवीर सिंह, हरिनारायण, भंवरलाल, मालाराम तथा निर्मल पालीवाल आदि शामिल हैं। इनमें दो युवक पांच-पांच लाख रुपए में सौदा तय होने के बाद दो-दो लाख रुपए अग्रिम देते हुए पकड़े गए।

गिरफ्तार किए गए युवकों में फोटो मिक्सिंग करने का एक्सपर्ट भी शामिल है। गिरोह ने कई युवकों से संभाग केे प्रत्येक जिले से अलग-अलग आवेदन कराया ताकि परीक्षा केन्द्र के आधार पर नकल कराने की व्यवस्था की जा सके। यह गिराेह प्रत्येक पद के लिए पांच से सात लाख रुपए में सौदा तय करता था। इसके अलावा फोटो मिक्सिंग कराने के नाम पर दो से ढाई लाख रुपए अलग से लेता था।

उल्लेखनीय है कि जगदीश जाणी की तलाश हैं और एसओजी ने उस पर पच्चीस हजार रुपए का ईनाम घोषित कर रखा हैं। उधर पुलिस ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में नकल तथा पेपर लीक होने से रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा एवं प्रबंध किया गया हैं। परीक्षा केन्द्र से पांच किलोमीटर दायरे में परीक्षा के दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद करने के साथ अन्य कई उपाय किए गए हैं।