राजस्थान में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस करेगी अपना दबदबा कायम करने का प्रयास

जयपुर। राजस्थान से राज्यसभा की आगामी जुलाई के शुरु में रिक्त होने वाली चार सीटों पर दस जून को होने वाले चुनाव में सत्तारुढ़ कांग्रेस ज्यादा सीटें जीतकर अपना दबदबा कायम करने का प्रयास करेगी।

राजस्थान से राज्यसभा की दस सीटों में वर्तमान में भाजपा के सर्वाधिक सात सीटों पर सांसद हैं और उसका राजस्थान से राज्यसभा में अपना दबदबा हैं जबकि वर्तमान में कांग्रेस के तीन सांसद हैं। कांग्रेस की आगामी इस राज्यसभा चुनाव में विधायकों की संख्या के आधार पर दो सीटों पर स्पष्ट जीत नजर आ रही है वहीं एक सीट पर भाजपा की जीत दिखाई दे रही है जबकि चौथी सीट के लिए कांग्रेस एवं भाजपा के साथ निर्दलीय निर्णायिक भूमिका निभाएंगे और कांग्रेस के विधायक भाजपा से अधिक एवं निर्दलीयों के सरकार को समर्थन दे रखा होने से माना जा रहा है कि इस चुनाव में कांग्रेस तीन सीट जीत सकती हैं।

अगर कांग्रेस इस चुनाव में तीन सीट जीत जाती है तो उसके राज्यसभा में छह सांसद हो जाएंगे जो भाजपा से अधिक हो जायेंगे। इसके लिए कांग्रेस पूरा जोर लगायेगी और जादूगर कहे जाने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए यह असंभव नहीं लगता। हालांकि चौथी सीट के लिए दोनों ही दलों के पास विधायकों की पर्याप्त संख्या नहीं होने के कारण मुकाबला रोचक होने की संभावना है।

कांग्रेस के उदयपुर में तीन दिवसीय चिंतन शिविर के बाद इस चुनाव को लेकर कांग्रेस के सक्रिय होने की संभावना है जबकि भाजपा के उसकी जयपुर में 20 एवं 21 मई को होने वाली उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस चुनाव के लिए सक्रिय होने की संभावना है। दस जून को होने वाले इस चुनाव के लिए अधिसूचना 24 मई को जारी की जाएगी और नामांकन पत्र 31 मई तक भर जा सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि 200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में वर्तमान में कांग्रेस के 108 विधायक हैं। भाजपा के पास 71 विधायक हैं। इनके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के तीन, राष्ट्रीय मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी एवं भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के दो-दो तथा राष्ट्रीय लोकदल का एक विधायक हैं जबकि तेरह निर्दलीय विधायक हैं। इनमें राष्ट्रीय लोकदल के सुभाष गर्ग सरकार में मंत्री हैं वहीं निर्दलीयों ने भी सरकार को अपना समर्थन दे रखा हैं।

जिन चार राज्यसभा सीटों पर दस जून को चुनाव होने हैं, वे चारों ही भाजपा सांसदों की हैं और उनमें सांसद ओम प्रकाश माथुर, के जे अल्फोंस, रामकुमार वर्मा और हर्षवर्धन सिंह शामिल है। भाजपा के इन चारों सांसदों का कार्यकाल आगामी चार जुलाई को समाप्त हो रहा है।

इसके अलावा भाजपा के और तीन सांसदों में किरोड़ीलाल मीणा, भूपेन्द्र यादव और राजेन्द्र गहलोत शामिल हैं। वर्तमान में कांग्रेस के पास राज्य से तीन राज्यसभा सांसदों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के सी वेणुगोपाल और नीरज डांगी शामिल हैं।