महिला उत्पीड़न में पुरुष ही नहीं महिलाएं भी दोषी : रीता भार्गव

अजमेर। राजस्थान राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ.रीता भार्गव ने कहा कि महिला उत्पीड़न के मामलों में अकेले पुरुष ही नहीं महिलाएं भी दोषी है, लेकिन वर्तमान में ऐसे मामलों में पुरुषों का प्रतिशत 80 फीसदी है।

डॉ.भार्गव ने आज यहां केंद्रीय कारागृह, अभय कमांड सेंटर एवं पुलिस लाइन का निरीक्षण करने के बाद कहा कि महिला उत्पीड़नों के मामलों में ज्यादातर पारिवारिक कारण उभरकर सामने आते है। उन्होंने शराब के सेवन को घरों की बर्बादी का कारण बताते हुए कहा कि आयोग अपनी ओर से शराब बंद करने की सिफारिश राज्य सरकार से कर चुका है।

उन्होंने राजस्थान में महिला उतपीड़न के मामलों में कमी आने का दावा करते हुए कहा कि जब आयोग ने कार्यकाल शुरू किया तब प्रदेश में 32 हजार मामले महिला उत्पीड़न के लंबित रहे लेकिन आज महज तीन चार हजार के बीच ही लंबित है।

अजमेर के संदर्भ में उन्होनें पुलिस अधीक्षक के हवाले से बताया कि यहां महिला उत्पीड़न का एक भी मामला लंबित नहीं है। कुछ पुराने मामले बार बार उठा दिए जाते है जिनमें अजमेर का बहुचर्चित अश्लील छायाचित्र ब्लैकमेल कांड भी शामिल है लेकिन महिलाओं व परिजनों की रजामंदी नहीं होने से आयोग इसमें कुछ भी कदम नहीं बढ़ा सकता।

इससे पूर्व उन्होंने पुलिस लाइन में महिला पुलिस कर्मियों से वन-टू-वन बातचीत कर उनकी परिस्थिति को समझा और एक पुलिस अधिकारी की महिला पुलिस कर्मी से छेड़छाड़ वाले प्रसंग पर भी चर्चा की।

जेल निरीक्षण के दौरान वे 28 महिला कैदियों से मिलीं। उन्होंने कहा कि महिला कैदियों ने जेल में कुछ काम करने के साथ साथ धार्मिक पुस्तकों की भी मांग की जिस पर उन्होंने कार्यवाहक जेलर को व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी महिला कैदियों का स्वास्थ्य ठीक है और पूर्णकालिक जेलर के पद ग्रहण करने के बाद वहां की छोटी मोटी समस्याओं का निदान करा दिया जाएगा। भार्गव ने अभय कमांड सेंटर की भी जमकर तारीफ की।

अजमेर में पिछले दिनों रामगंज थाना क्षेत्र में एक शिक्षण संस्थान की लड़कियों को वहां के कोच द्वारा राष्ट्रीय खेल खिलाने के नाम पर बाहर ले जाकर अश्लील हरकत संबंधी वीडियो के वायरल होने पर उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में पुलिस से जांच करवाई जा रही है।