VIDEO: घनश्याम तिवाड़ी बोले, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बर्खास्त करें अमित शाह

Rajasthan rebel MLA Ghanshyam Tiwari writes to Amit Shah : Sack Vasundhara Raje in public interest
Rajasthan rebel MLA Ghanshyam Tiwari writes to Amit Shah : Sack Vasundhara Raje in public interest

जयपुर। भाजपा के स्थापना दिवस पर शुक्रवार को दीनदयाल वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बर्खास्त करने की मांग की।

उन्होंने पत्र में पार्टी की स्थापना का आधार माने जाने वाले उद्देश्यों और निष्ठाओं को याद करते हुए, वर्तमान प्रदेश संगठन में आई सैद्धांतिक गड़बड़ियों की बात कही है। उन्होंने कहा कि शाह को राजस्थान की जनता और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री को तत्काल बर्खास्त करना चाहिए।

तिवाड़ी ने कहा प्रदेश की मुख्यमंत्री आने वाले विधानसभा चुनाव में ​जीत हार को लेकर चिंतित नहीं है। उन्हें चिंता इस बात की है कि वे 2018 में होने वाले विधानसभा चुनावों में हार जाएं, वहीं 2019 में केंद्र में भाजपा की सरकार बन जाए तब क्या होगा।

वे इससे होने वाले परिणामों से अपने राजनीतिक कद के घटने पर ज्यादा चिंतित नजर आ रही हैं। तिवाड़ी भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर मातृमंदिर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित ​कर रहे थे।

वाहिनी नहीं होगी कहीं का ईंट कहीं का रोडा

तिवाड़ी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नई पार्टी पर उठे सवाल पर कहा कि हमारी वाहिनी ‘कहीं का ईंट, कहीं का रोड़ा’ की तरह नहीं होगी। हमारा नया राजनीतिक दल प्रदेश के जागरूक युवा व सिद्धांतवादी लोगों की शक्ति बनेगा। जो राजस्थान में एक नई शक्ति का उदय कराएगा। वाहिनी का उद्देश्य प्रदेश भर में भ्रष्टाचार रूपी धनानंदों को ध्वस्त करने वाले चंद्रगुप्तों का निर्माण करने का कार्य है।

सामाजिक समरसता की स्थापना वाहिनी का मकसद

हालिया एसटी व एससी के आंदोलन को लेकर उठे जातिवाद के सवाल पर घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि प्रदेश में सामाजिक समरसता को बिगाड़ने का कार्य षड़यंत्रपूर्वक किया जा रहा है। समाज में आरक्षण को लेकर लड़ाई हो ऐसे फार्मूले को समाप्त करने के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी, विशेष ओ​बीसी का आरक्षण जारी रखते हुए वंचित वर्गों के गरीब बच्चों को भी 14 प्रतिशत का आरक्षण मिले। ऐसी सामाजिक समरसता की लड़ाई हम लड़ रहे हैं।

वंचित वर्ग के आरक्षण के बिल को पिछले 4 सालों से सरकार दबा कर बैठी है जबकि इसे विधानसभा में पास कर दिया गया। उन्होंने बताया कि वंचित वर्ग के आरक्षण में ब्राह्मण, बनिया, राजपूत के अलावा मुस्लिम समाज के वंचितों को भी लाभ देने की बात शामिल है।