राजस्थान रोडवेज के कर्मचारी 27 अक्टूबर को 24 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे

जयपुर। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में 27 अक्टूबर को चौबीस घंटे की हड़ताल पर रहेंगे।

राजस्थान रोड़वेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे के संयोजक एमएल यादव ने आज प्रेस कांफ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए बताया कि रोडवेज कर्मचारी अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर एक दिन की प्रदेशव्यापी यह हड़ताल 26 अक्टूबर की रात 12 बजे से शुरु करेंगे जो 27 अक्टूबर की रात 12 बजे तक जारी रहेगी।

यादव ने बताया कि हड़ताल से पहले 20 अक्टूबर को प्रदेशभर में रोड़वेज की सभी ईकाइयों पर ढोल बजाओ, सरकार जगाओ नारे के साथ व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 25 एवं 26 अक्टूबर दो दिन प्रदेशभर में रोड़वेज की सभी ईकाइयों पर दिन रात के धरने आयोजि किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों को वेतन एवं पेंशन समय पर नहीं मिल रहे हैं। इस कारण उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सौ से ज्यादा रोडवेज से संबंधित लोगों की समय पर इलाज नहीं करा पाने के कारण मौत हो गई।

उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि उन्हें हर महीने की पहली तारीख को वेतन एवं पेंशन मिलना चाहिए। सावतें वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार जनवरी 2016 से वेतनमान एवं पेंशन संशोधन, अक्टूबर 2016 से गत सितंबर तक 60 महीनों में पांच हजार से अधिक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के 500 करोड़ रुपए से ज्यादा के परिलाभों का एकमुश्त भुगतान किया जाना चाहिए।

इसी तरह जनहित में 1500 नई बसों की खरीद, नौ हजार से ज्यादा रिक्त पड़े पदों पर भर्ती एवं रोड़वेज बस स्टेण्डों के बाहर से अवैध रुप से संचालित निजी बसों को रोडवेज बस स्टेण्ड से दो से पांच किलोमीटर दूर से संचालित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन देने एवं कर्मचारियों की मांगें नहीं मानने पर संयुक्त मोर्चे के समक्ष वर्तमान चरणबद्ध आंदोलन के अंतिम 11वें चरण में 27 अक्टूबर को एक दिन की प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प शेष नहीं बचा है।

यादव ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय भी हम पूरे पांच साल अपनी मांगों के लिए संघर्ष करते रहे और अब कांग्रेस शासन में भी संघर्ष कर रहे हैं जबकि भाजपा के समय कांग्रेस नेता भी रोडवेज कर्मचारियों के पक्ष में मांग करते थे लेकिन अब उनकी सरकार हैं तब परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास केवल आश्वासन ही दे रहे है।

उन्होंने कहा कि हमारा राज्य सरकार से अनुरोध हैं कि सार्वजिनक परिवहन के लाईफ लाईन माने जाने वाले रोड़वेज संस्थान एवं इसके सेवारत तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हित्तों की मांगों के प्रति समय रहते उपेक्षा एवं उदासीनता की नीति छोड़कर संवेदनशीलता के साथ रोड़वेज कर्मचारियों का हित सोचते हुए मांगों पर विचार किया जाना चाहिए।

रोड़वेज हड़ताल के दिन दिन प्रदेश में राजस्थान प्रशासनिक सेवा की प्री परीक्षा होने की तरफ जब यादव का ध्यान आकर्षित करने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने रोड़वेज हड़ताल का निर्णय एकदम नहीं लिया हैं, हड़ताल के लिए जब नोटिस दिया गया तब यह परीक्षा कलेण्डर जारी नहीं हुआ था।

उन्होंने कहा कि यह संयोग ही हैं कि इस परीक्षा के दिन ही हड़ताल हो रही हैं। उनका परीक्षा के दिन हड़ताल कर ब्लैकमेल करने की कोई मंशा नहीं हैं। यह तो अपनी लंबित मांगों के समर्थन में चरणबद्ध तरीके से कर रहे आंदोलन के तहत पहले से लिया हुआ फैसला है।