राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन को अफसर दे रहे ‘चकमा’

अजमेर। आमजन की समस्या समाधान के लिए बनी राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन को भी अजमेर के अफसर चकमा देने से बाज नहीं आ रहे हैं। शिकायतों के स्थायी समाधान पर ध्यान देने की बजाय चलताऊ काम कर या फिर बिना राहत पहुंचाए ही प्रकरणों का निस्तारण किया जा रहा है।

हाल ही अजमेर जिला प्रशासन को राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन पर दर्ज सर्वाधिक प्रकरणों का निस्तारण करने के लिए राज्य स्तर पर पहला स्थान मिला है। जिला प्रशासन ने यह उपलब्धि उन चतुर अफसरों के बूते हासिल की है जो समस्याओं को जैसे-तैसे निपटाने में माहिर हैं।

केस -1
एक शहरवासी ने ब्यावर रोड पर हजारी बाग के निकट रोड कटिंग खुली छोड़ देने की शिकायत सार्वजनिक निर्माण विभाग से की। इसका शिकायत नम्बर 06180713852160 है। विभाग के अफसरों ने गड्ढे में थोड़ी कंक्रीट मसाला डालकर शिकायत को निस्तारित बता दिया जबकि हाथो-हाथ ही मसाला निकल चुका था। शिकायतकर्ता ने आपत्ति दर्ज कराई तो जवाब मिला कि मानसून के बाद ही सड़क मरम्मत हो सकेगी। दोबारा आपत्ति जताने पर 15 बाद डामरीकरण किया गया लेकिन कुछ दिन बाद ही सड़क वापस टूट चुकी है। खास बात यह भी है कि विभाग ने गड्डा खुला छोड़ देने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं की।

केस -2
एक शहरवासी ने कोटड़ा स्थित पत्रकार कॉलोनी में एक पोल पर रोडलाइट टूटी होने की शिकायत दर्ज कराई। इसका नम्बर 07181403895420 है। अजमेर विकास प्राधिकरण ने ठेकेदार के जरिए कुछ खराब रोड लाइटों को चालू करा दिया लेकिन जिस पोल से लाइट टूटकर गिरी, उस पर नई लाइट अब तक नहीं लगाई जा सकी है। इसके बावजूद शिकायतकर्ता को शिकायत निस्तारण का मैसेज भेज दिया गया।

केस -3
एक शहरवासी ने सम्पर्क पोर्टल पर अजमेर डिस्कॉम से टाटा पावर की शिकायत दर्ज कराई। इसका नम्बर 07181413895342 है। शिकायत यह थी कि टाटा पावर ने उपभोक्ता की सर्विस लाइन ठीक करने में 4 घण्टे लगा दिए। डिस्कॉम ने बिना कोई कार्रवाई किए शिकायत निस्तारित कर दी। उपभोक्ता ने दुबारा आपत्ति दर्ज कराई तो डिस्कॉम ने आइंदा सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ने का केवल आश्वासन देकर शिकायत निस्तारित कर दी। डिस्कॉम ने टाटा पावर को नोटिस तक नहीं दिया।

केस -4
एक शहरवासी ने रामगंज में एक हेण्डपम्प खराब होने की शिकायत सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज कराई। इसका नम्बर 06180653852591 है। इस पर जलदाय विभाग की टीम ने आकर हेण्डपम्प चालू कर दिया। दो दिन बाद ही हेण्डपम्प पुनः भारी हो गया और पानी बेहद कम निकलने लगा। दुबारा शिकायत दर्ज कराई जिसका नम्बर 07180653957609 है। लेकिन अब तक सुध नहीं ली गई है।

शिकायतकर्ता नहीं करते फॉलो

सम्पर्क पोर्टल पर शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ता के मोबाइल पर मैसेज भेजा जाता है। शिकायत का निवारण करने के बाद पुनः अवगत कराया जाता है। इसके अलावा सम्पर्क पोर्टल कॉल सेंटर से फोन आता है जिसमें शिकायतकर्ता से यह पूछा जाता है कि वह शिकायत पर हुई कार्रवाई से संतुष्ट है अथवा नहीं। लेकिन ज्यादातर मामलों में बेहद लापरवाही बरती जा रही है। कॉल सेंटर से हर शिकायतकर्ता के पास फोन नहीं आता है। सम्बंधित विभाग के अफसर शिकायत पर फौरी कार्यवाही कर निस्तारण की सूचना भिजवा रहे हैं। खुद शिकायतकर्ता भी अपनी शिकायत को फॉलो नहीं करते हैं।