स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर 1 सितंबर से खोलने का निर्णय

जयपुर। कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद बंद पडें शैक्षणिक संस्थानों को सरकार ने 1 सितंबर से पुन: खोले जाने का फैसला लिया है।

मंत्रीमंडल सचिवालय के 24 जुलाई को जारी आदेश में राज्य में शिक्षण संस्थानों को पुनः शुरू करने के लिए दिनांक एवं मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के निर्णय के लिए मंत्रिगण की समिति का गठन किया गया था, जिसका नोडल विभाग गृह विभाग है। उक्त समिति ने कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए निर्धारित किए गए प्रोटोकॉल एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करते हुए शिक्षण संस्थानों को निम्नानुसार खोलने का निर्णय लिया।

गाइडलाइन के प्रमुख बिन्दु

राज्य के सरकारी/निजी विश्वविद्यालय/महाविद्यालय/विद्यालयों (कक्षा 9वीं से 12वीं तक) की नियमित शिक्षण गतिविधियों का संचालन 50 प्रतिशत क्षमता के साथ 1 सितम्बर बुधवार से शुरू किया जा सकेगा।

विश्वविद्यालय/महाविद्यालय/विद्यालय के शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ एवं संस्थान आवागमन हेतु संचालित बस, ऑटो एवं कैब के चालक इत्यादि को 14 दिन पूर्व वैक्सीन की कम-से-कम एक खुराक (1st dose) अनिवार्य रूप से लेनी होगी।

प्रदेश के समस्त कोचिंग संस्थान अपने शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ के वैक्सीन की दोनों खुराक (1nd and 2nd dose) की अनिवार्यता की शर्त के साथ दिनांक 1 सितम्बर बुधवार से बैठक क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ संचालित हो सकेंगे, साथ ही संबंधित संस्थान द्वारा e-intimation के माध्यम से ऑनलाइन वेब पोर्टल https://covidinfo.rajasthan.gov.in पर संस्थान में बैठक क्षमता (Seating capacity) एवं कुल स्टाफ/कार्मिकों के प्रतिशत वैक्सीनेशन की सूचना अपलोड करनी होगी।

शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ/ विद्यार्थियों के आवागमन हेतु संचालित स्कूल बस/ऑटो/कैब इत्यादि वाहन की बैठक क्षमता के अनुसार ही अनुमत होंगे।

नियमित कक्षाओं के अध्ययन के लिए छात्रों की (Alternate sitting) बैठक व्यवस्था इस प्रकार की जाएगी कि प्रत्येक कक्ष में छात्रों की उपस्थिति कक्ष की क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।

ऑनलाईन/डिस्टेंस लर्निंग अध्यापन का Preferred माध्यम रहेगा एवं इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। कक्षा 1 से 8वीं तक की नियमित शिक्षण गतिविधियां आगामी आदेश तक केवल ऑनलाईन माध्यम से संचालित रहेंगी।

राज्य में शिक्षण गतिविधियों के सुचारू रूप से संचालन के लिए शिक्षण संस्थाओं (विश्वविद्यालय/महाविद्यालय/विद्यालय/कोचिंग संस्थान) द्वारा निम्न की पालना सुनिश्चित की जाएगी।

शिक्षण संस्थानों में आने से पूर्व सभी विद्यार्थियों अपने द्वारा माता पिता/अभिभावक से लिखित में अनुमति लेना अनिवार्य होगा वे माता पिता/अभिभावक जो अपने बच्चों को अभी ऑफलाईन अध्ययन के लिए संस्थान नहीं भेजना चाहते उन पर संस्थान द्वारा उपस्थिति के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा (Attendance optional) एवं उनके लिए ऑनलाईन अध्ययन की सुविधा निरन्तर संचालित रखी जाएगी।

शिक्षण संस्थानों द्वारा प्रार्थना सभा का आयोजन नहीं किया जाएगा। अध्ययन अवधि के दौरान संस्थान में एवं आवागमन के दौरान फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा। “No Mask No Entry” की पालना आवश्यक है। किसी विद्यार्थी/स्टाफ द्वारा मास्क नहीं लगाया जाने पर संस्थान द्वारा मास्क उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

शिक्षण संस्थानों द्वारा प्रत्येक शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ/ विद्यार्थी की स्क्रीनिंग की व्यवस्था करनी होगी एवं इसके उपरान्त ही प्रवेश दिया जाए।

मुख्य द्वार पर प्रवेश एवं निकास के दौरान संस्थान परिसर, कक्षाओं में सामाजिक दूरी (दो गज की दूरी) का ध्यान रखा जावे एवं संस्थान में किसी भी स्थान पर विद्यार्थी / अभिभावक / कर्मचारी अनावश्यक रूप से एकत्रित न हो एवं संस्थान परिसर में स्थित कँटीन को आगामी आदेशों तक बंद रखा जाएगा।

प्रत्येक फ्लोर पर क्लासरूम एवं फैकल्टी रूम में कुर्सियों, सामान्य सुविधाओं एवं मानव सम्पर्क में आने वाले सभी बिन्दुओं जैसे रेलिंग्स, डोर हैण्डलस एवं सार्वजनिक सतह, फर्श आदि प्रतिदिन सेनेटाईज किया जावे एवं खिड़की / दरवाजों को खुला रखा जाए ताकि हवा का पर्याप्त प्रवाह सुनिश्चित रहे।

संस्थान में प्रतिदिन काम में आने वाली स्टेशनरी एवं अन्य उपकरणों को सेनेटाईज कराना अनिवार्य होगा। सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर प्रतिबंध हो एवं उल्लंघन किए जाने पर
नियमानुसार आर्थिक दंड कारित किया जाए।

संस्थान परिसर में किसी भी विद्यार्थी / शिक्षकगण / कार्मिक के कोविड पॉजिटिव या फिर संभावित संक्रमण की स्थिति बनने पर संस्थान द्वारा संबंधित कक्ष को 10 दिनों के लिए बंद किया जाएगा।

किसी विद्यार्थी / शिक्षकगण / कार्मिक में कोविड-19 के लक्षण पाए जाने पर उसे तुरन्त निकटस्थ अस्पताल/कोविड सेन्टर में ईलाज/आईसोलेशन के लिए रेफर/भर्ती करवाया जायेगा एवं संस्थान द्वारा एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।

प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को खोले जाने के सम्बन्ध में अन्य विस्तृत दिशा-निर्देश शिक्षा विभाग एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे।

जिला मजिस्ट्रेट द्वारा शिक्षण संस्थानों में कोरोना प्रोटोकॉल एवं उक्त दिशा-निर्देशों की अनुपालना की मॉनिटरिंग के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए यह अनिवार्य है कि समस्त विद्यालय द्वारा उपरोक्त दिशा-निर्देशों की पालना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।