राजस्थान में 2 अगस्त से खुल जाएंगे स्कूल, कॉलेज और कोचिंग

जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में गुरूवार शाम को हुई राज्य मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक में विद्यालयों के लिए कम्प्यूटर अनुदेशकों की नियमित भर्ती करने, कोविड की दूसरी लहर के बाद प्रदेश में विद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों को शिक्षण कार्य के लिए दो अगस्त से खोलने पर सैद्धांतिक सहमति बनी।

बैठक के बाद शिक्षा मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने पत्रकारों को बताया कि कोरोना काल में बच्चों के लिए बंद चल रहे स्कूल, कॉलेज और कोचिंग दो अगस्त से खोलने का निर्णय लिया है। कक्षा एक से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खोलने पर सरकार ने मुहर लगा दी है।

उन्होंने बताया कि कैबिनेट की बैठक में स्कूल, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया गया। कोचिंग और कॉलेज खोलने की तारीख बाद में तय होगी। कोराना की दूसरी लहर के बाद से मार्च से ही स्कूल, कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए बंद हैं।

मंत्रिपरिषद की बैठक में स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में कक्षाएं शुरू करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्रिपरिषद ने स्कूल, कॉलेज खोलने पर एक्सपर्ट की राय जानी। कोरोना कोर ग्रुप के एक्सपर्ट्स ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाया। मंत्रिपरिषद में यह सहमति बनी कि कोविड प्रोटोकॉल की पालना और सभी सावधानियों को बरतते हुए शिक्षण संस्थाओं को खोला जाए।

श्री डोटासरा ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। चिकित्सा विशेषज्ञों ने राय दी है कि छोटे बच्चों को खतरा नहीं है। कोविड प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाएगा। आगे कोई दिक्कत आएगी, तो देख लिया जाएगा। पर एक बार सभी कक्षाओं के बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में और गरीब परिवारों के बच्चे ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था नहीं कर पाते, इसलिए स्कूल खोलना जरूरी है।

इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने निर्णय किया कि प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को कम्प्यूटर शिक्षा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा की गई बजट घोषणा के क्रम में सृजित कम्प्यूटर अनुदेशकों के नए कैडर के लिए अब नियमित भर्ती की जाएगी।

मंत्रिपरिषद ने भारत सरकार द्वारा घोषित एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के राज्य में क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस विषय में संबंधित विभाग को दिशा-निर्देशों के निर्धारण के लिए निर्देशित किया गया।

इससे पहले मंत्रिमंडल ने विभिन्न योजनाओं का लाभ सुगमता, सरलता एवं पारदर्शी रूप से आमजन तक पहुंचाने के लिए राजस्थान जन आधार प्राधिकरण नियम-2021 का अनुमोदन किया। इस स्वतंत्र प्राधिकरण के माध्यम से राजस्थान जन आधार योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही ई-मित्र परियोजना को भी इस प्राधिकरण के अधीन लाया जा सकेगा।

बैठक में राजस्थान पर्यटन व्यवसाय (फेसिलिटेशन एण्ड रेगुलेशन) अधिनियम-2010 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे अधिनियम के प्रावधानों को अधिक सुसंगत एवं अन्य विधिक प्रावधानों के अनुरूप बनाया जा सकेगा। संशोधन से इस अधिनियम में विहित अपराधों को संज्ञेय एवं दंडनीय अपराध के रूप में विहित किया जा सकेगा। इस संशोधन प्रस्ताव को विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।