राजीव गांधी की हत्याकांड : नलिनी की पैरोल अवधि तीन सप्ताह बढ़ी

चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सात लोगों में शामिल एस नलिनी (52) की पैरोल अवधि को तीन सप्ताह और बढ़ाने का गुरुवार को आदेश दिया।

न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एम निर्मल कुमार की युगल पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद नलिनी की पैरोल की अवधि को तीन सप्ताह और बढ़ाने का आदेश दिया। नलिनी ने अपनी बेटी की शादी की तैयारियों के लिए अदालत से उसका पैरोल की अवधि एक माह और बढ़ाने की गुहार लगाई थी।

दरअसल जब इस संबंध में वेल्लोर जेल प्रशासन ने नलिनी के अनुरोध को ठुकरा दिया था तो उसे अदालत की शरण में जाना पड़ा। जेल प्रशासन ने एक माह की पैरोल अवधि बढ़ाने के उसके अनुरोध को साफ ठुकरा दिया था।

उसने अपनी दलील में कहा कि उसकी पूरी कोशिश के बावजूद उसकी बेटी की शादी के लिए सारी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकी हैं। उसने कहा कि शादी की व्यवस्था को पूरा करने के लिए उसे एक और महीने की जरूरत है।

यह बताते हुए कि उनकी बेटी अपने होने वाले पति मुरुगन, जो श्रीहरन के भाई हैं, के साथ लंदन में रह रही है नलिनी ने कहा कि उनके अगले महीने के पहले सप्ताह में भारत आने की संभावना है। उसने अपने पैरोल की अवधि एक माह और बढ़ाने की गुहार लगाते हुए कहा कि उसे शादी की व्यवस्था करने के लिए और समय चाहिए।

नलिनी को अपनी बेटी की शादी की व्यवस्था करने के लिए 25 जुलाई को एक महीने की पैरोल पर रिहा किया गया था। पैरोल देते समय, अदालत ने एक शर्त भी रखी कि वह किसी भी राजनीतिक दल के नेता से नहीं मिलेगी और ना ही किसी मीडिया को कोई साक्षात्कार देगी।

पांच जुलाई को मद्रास उच्च न्यायालय ने नलिनी को एक महीने की पैरोल दी थी। इस मामले में नलिनी ने अपनी दलीलें खुद पेश की। उसने अपनी याचिका में बेटी की शादी की व्यवस्था को लेकर छह महीने के लिए पैरोल की मांग की और मामले की सुनवाई में बहस की अनुमति देने की भी गुहार लगाई।

बहस के दौरान, राज्य सरकार ने दलील दी कि अधिकतम एक महीने की पैरोल ही उसे दी जा सकती है। इसके उत्तर में नलिनी ने कहा कि एक महीना पर्याप्त नहीं होगा और उसे छह महीने की छुट्टी की जरूरत है। नलिनी ने कहा कि वह और उसके पति मुरुगन जेल में पिछले 28 वर्षाें से बंद हैं और उसकी बेटी भी जेल में पैदा हुई थी।

उसने कहा कि माता-पिता के रूप में वे अपनी बेटी को प्यार और स्नेह के साथ पाल नहीं सके। वह अपने बड़ों के साथ पली है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने नलिनी को एक महीने की पैरोल दे दी और इसे आज तीन सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया गया।