अखिल भारतीय सिन्धू संत समाज भी राममंदिर निर्माण में करेगा सहयोग

अजमेर। सनातन धर्म की प्रेरणा से अयोध्या में निर्मित हो रहे श्रीराम मदिंर निर्माण के लिए अखिल भारतीय सिन्धू संत समाज ट्रस्ट से रूपए 21 लाख व देश के आश्रमों तथा घर घर से राशि एकत्रित कर सहयोग करेगा। यह निर्णय अखिल भारतीय सिन्धू संत समाज की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ईश्वर मनोहर उदासीन आश्रम अजमेर में आयोजित बैठक में लिया गया।

शादाणी दरबार के संत युधिष्ठरलाल व महामण्डलेश्वर हंसराम उदासीन ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन में अलग अलग सत्रों में आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सनातन धर्म प्रचार के लिए विशाल रथ शादाणी दरबार रायपुर की ओर से तैयार करवाया जाएगा और देश भर में संतों द्वारा रथयात्रा का आयोजन होगा।

आगामी सितम्बर माह में सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। देशभर में लाॅकडाउन के समय आमजन हितार्थ सेवाकार्य किए गए और उसी कार्य को आगे बढाने के लिए तीन सेवा कार्यों को नियमित करने का निर्णय लिया गया जिसमें पक्षियों के लिए दाना व्यवस्था, गाय माता के लिए चारा व सेवा एवं जरूरतमंद परिवारों को भण्डारे की व्यवस्था देश भर के सभी आश्रमों में की जाएगी।

25वीं सिन्धु दर्शन तीर्थयात्रा में इस वर्ष 19 से 27 जून तक सिन्धु महाकुम्भ का आयोजन किया जाएगा जिसमें संतों के दो शाही स्नान की तिथियां 20 व 24 जून तय की गई है। सिन्ध से आए हिन्दु नागरिकों को नागरिकता प्रदान करने के लिए भारत सरकार का आभार प्रकट करते हुए मांग की गई है कि शेष रहे नागरिकों के लिए नागरिकता के नियमों में सरलीकरण कर शीघ्र निपटारा किया जाए।

दो दिवसीय बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी ख्मियादास (सतना), राष्ट्रीय महामंत्री महंत श्यामदास उदासीन, महंत हनुमानराम तीर्थराज पुष्कर, महंत कमलदास रीवा, संत हंसदास रीवा, श्री संतदास इन्दौर, साध्वी परमानन्दा सरस्वती गोदरा, संत नारायणदास कोटा, संत गुलराज जयपुर, महंत अर्जुनदास उल्लासनगर के साथ अजमेर के स्वामी ईसरदास, स्वामी आत्मदास, सांई अर्जुनराम, भाई फतनदास, सांई राजूराम, उपस्थित थे। महंत स्वरूपदास उदासीन ने सभी का आभार प्रकट किया।

सेवा सत्कार में गौतम सांई, गोविन्द सांई, रमेश कल्याणी, नरेन शाहणी भगत, भारतीय सिन्धु सभा के राष्ट्रीय मंत्री महेन्द्र कुमार तीर्थाण, अध्यक्ष नरेन्द्र बसराणी, सेवादारी शंकर सबनाणी, प्रकाश मूलचंदाणी, लक्षमणदास दौलताणी, दीपक बालाणी, घनश्यामदास, गोर्वधन मोटवाणी, भगवानदास सम्मिलित है।