कभी राम बनके कभी श्याम बनके…

अजमेर। 54 अरब हस्तलिखित श्रीराम नाम महामंत्र परिक्रमा महोत्सव में रविवार देर शाम संस्कृति द स्कूल और निनाद संगीत अकादमी की ओर से डॉ रजनीश चरन के निर्देशन में भगवान राम को समर्पित ‘उद्भव’ कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।

सरस्वती वंदना, गणपति वंदना और गुरु वंदना के साथ भजन संध्या की शुरुआत हुई। अनन्या ने भजन जनम सफल होगा रे बंदे…, मित्रा ने मैं धरूं तिहारो ध्यान…के जरिए भक्तों को आनंदित किया।

नन्हे गायक ऋत्विक चौहान ने मंगल गाओ चौक पुराउं…भजन पर तालियों की गडगडाहट से पांडाल गूंज उठ। साव्या ने सुमिरन कर ले…, रामानुज, अनन्या आदि ने अच्च्यूतम केशवम…की प्रस्तुति दी।

कभी राम बन के कभी श्याम बनके…भजन पर रामभक्त झूमकर नाचने लगे। नन्हें कलाकार विभूति ने रामचरित मानस की चौपाइयां…को गीत की तरह प्रस्तुत कर समा बांध दिया। डॉ रजनीश के गाए जैसे सूरज की धरती… तथा अन्य साथियों भजन ठुमक चलत रामचन्द्र बाजत…, नीले घोडे रे असवार…, राम का गुणगान…, धन्य भाग सेवा का अवसर…, प्रभुजी तुम चंदन हम पानी…से भजन संध्या को उंचाईयां मिली।

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