54 अरब श्रीराम नाम महामंत्रों की अनूठी महापरिक्रमा

अजमेर। धार्मिक नगरी अजमेर में चल रही 54 अरब हस्तलिखित श्रीराम नाम महामंत्रों की परिक्रमा 13वें दिन शुक्रवार सुबह प्रभातफेरी के साथ शुरू हुई। परिक्रमा का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। हजारों भक्तों ने प्रभु परिक्रमा का आनंद लिया।

सह संयोजक उमेश गर्ग ने बताया कि विश्व में सर्वाधिक विधिवत संकलित हस्तलिखित श्रीराम नामों की परिक्रमा 15 जनवरी तक रहेगी। दोपहर के सत्र में मानस मण्डल के आचार्य संतोष नाथ व साथियों की ओर से सुन्दरकाण्ड पाठ की प्रस्तुति दी। रामभक्तों सामूहिक रूप से श्री राम जय राम जय जय राम का पाठ किया।

समाजसेवियों और राम नाम लिखने वाले साधकों का सम्मान

शाम के सत्र में आयोजित कार्यक्रम के मुख्यअतिथि लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा, अतिथि भाजपा शहर अध्यक्ष अरविंद यादव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह सेवा प्रमुख मोहन खंडेलवाल रहे।

समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवी आनंद गोयल, गोपाल गोयल, तेजेश देवेश्वर प्रसाद गुप्ता तथा पत्रकार दिलीप मोरवाल, प्रेस फोटोग्राफर मुकेश परिहार और, महेश मूलचंदानी का सम्मान किया गया।

अयोध्या नगरी में साक्षात प्रकट भये भगवान, गूंजे जय श्रीराम के जयकारे

84 लाख राम नाम का हस्तलेखन पूर्ण करने वाले साधकों सुनीता भारद्वाज, कैलाश जोशी, हेमाराम बालोटिया, मूलशंकर पारिक, रमेश चन्द्र शर्मा का श्रीराम नाम धन संग्रह बैंक की ओर से प्रशस्तिपत्र देकर बहुमान किया गया। प्रवीण कुमार जैन, गोपाल गोयल, पवन फतेहपुरिया और तेजेश देवेश्वर प्रसाद गुप्ता यजमान रहे।

राम राज्य के आगमन की शुरुआत

शहर बीजेपी अध्यक्ष अरविंद यादव ने कहा कि इस देश में रामराज्य फिर आएगा, इसकी शुरुआत हो चुकी है। हाल ही में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह अयोध्या में दीवाली का आयोजन किया वह रामराज्य का संकेत हैं। इस दीवाली की चर्चा देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक रही। अजमेर में राम नाम परिक्रमा का यह आयोजन भी अनूठा है और इसके चर्चे मीडिया के जरिए प्रदेशभर में हो रहे हैं।

घट घट में राम कण कण में राम

आएसएस के प्रांत सह सेवा प्रमुख मोहन खंडेलवाल ने कहा कि हमारी संस्कृति राममय है। यहां घट घट में राम कण कण में राम है। इसे देव भूमि माना जाता है। इस पावन भूमि को अनेक आक्रमण झेलने पडे। विदेशी आक्रांताओं ने तो हमारी सनातन संस्कृति को भी नष्ट करने की कोशिश की। ऐसे आक्रांताओं का संहार करने के लिए शिवाजी, झांसी की रानी जैसे महानुरुषों ने भारत भूमि पर जन्म लिया। स्वामी विवेकानंद ने तो पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति को स्थापित किया।

भगवान ने उतारी भगवान की महाआरती

भगवान का अवतार बनकर आए बच्चों ने शाम को महाआरती में सामूहिकरूप से भाग लिया। महाआरती के दौरान सह संयोजक कंवलप्रकाश किशनानी, उमेश गर्ग, पूरण सिंह चौहान, दीपिका शर्मा, अशोक टांक, महेन्द्र मित्तल समेत बडी संख्या में रामभक्त और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कढी कचौरी और चाय का प्रसाद

परिक्रमा स्थल पर शुक्रवार को केशव पीठ संस्थान की ओर से निशुल्क कढी कचौरी और चाय का प्रसाद वितरण किया गया।

‘नृत्याजंलि’ के जरिए भगवान को रिझाया

परिक्रमा स्थल पर देर शाम को कत्थक कला केन्द्र निदेशक नृत्यांगना स्मिता भार्गव के निर्देशन में भगवान राम को समर्पित ‘नृत्याजंलि’ सांस्कृति संध्या में कलाकारों ने एक से बढकर एक प्रस्तुतियां दीं।

विष्णु वंदना शांताकारम भुजंग शयनम… के साथ पदमजा रंगा और निमिषा त्यागी ने नृत्यांजलि का श्रीगणेश किया। शिव स्तुति का शम्भू शिव शम्भू स्वयंभू…और भजन अब मैं नाच्यों पर नृत्य से पदमजा ने माहौल का भक्तिमय बना दिया।

शिवांगी सिंहल, अक्षिता जैन,साक्षी गौड, खुशी शर्मा, आकृति जैन, नेहा शर्मा, काश्वी त्रिपाठी ने लोक नृत्य कागसियो की प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गडगडाहट कर उत्साहवर्धन किया।

यति अग्रवाल, खुशी जैन, आर्शिया जैन, विदूषी पटेल, देवीना चौधरी, सिद्ध​शी जैन, नेत्रा भार्गव ने लोकनृत्य रंगीलो राजस्थान के जरिए मरुप्रदेश की संस्कृति को साकार रूप दिया। निमीषा त्यागी के छम छम बाजे रे…और आकृति, काश्वी त्रिपाठी, नेहा शर्मा के तराना…ने खूब दाद हासिल की।

शिवांगी सिंहल, अक्षिता जैन, साक्षी गौड, कनिष्का भार्गव और साथी कलाकारों ने राजस्थानी लोकनृत्य घूमर की प्रस्तुति से समा बांध दिया।

शनिवार 13 जनवरी के प्रस्तावित कार्यक्रम

मध्यान्ह 2ः30 बजे श्रीराम राज्य मण्डल व साथियों द्वारा सुन्दरकाण्ड पाठ की प्रस्तुति दी जाएगी। शाम 5ः30 बजे श्री शांतानन्द उदासीन आश्रम पुष्कर के महंत हनुमानराम उदासीन महाराज प्रवचनों से श्रृद्धालुओं को निहाल करेंगे। इसके बाद उत्कृष्ठ कार्य करने वाले समाजसेवियों आदि का सम्मान किया जाएगा। महाआरती के बाद शाम 7ः30 बजे सप्तक परिवार द्वारा भगवान राम को समर्पित ‘वन्देमातरम्’ कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी। इस कार्यक्रम में ओम प्रकाश मंगल, किशनचन्द बंसल, विष्णु प्रकाश गर्ग और गौरांग किशनानी यजमान रहेंगे।