अब रामभक्तों पर गोलियां नहीं बल्कि फूल बरसते हैं : योगी

अयोध्या। समाजवादी पार्टी का नाम लिए बगैर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन आतताइयों ने रामभक्तों के ऊपर गोलियां चलवाई थीं वह आज लोकतंत्र की ताकत के आगे झुके हुए हैं। कारसेवा जब भी चलेगी तो अब रामभक्तों के ऊपर गोलियों की नहीं बल्कि फूलों की वर्षा होगी।

योगी ने बुधवार को रामकथा पार्क में एक सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि राम ने सबको जोड़ा है। यही राम की ताकत है। यह सबके लिए सौभाग्य का अवसर है कि 2017 से दीपोत्सव के इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन एवं संतों का सहयोग रहा।

देखते ही देखते यह दीपोत्सव दुनिया का विशेष आयोजन बन गया। भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या आगमन पर दीपोत्सव से पूरा भारत जुड़ता है। यह अपने आप में एक बड़ा उत्सव है। हर एक मंदिर व धार्मिक नगरों से इस उत्सव को जोड़ा है। भावनाओं ने देश की तस्वीर बदल दी।

उन्होने कहा कि राम मंदिर का शिलान्यास पांच अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। इससे पहले जब भी वह दीपोत्सव के कार्यक्रम में आते थे तो एक ही नारा यह गूंज रहा था कि योगी जी एक काम करो, मंदिर का निर्माण करो। वह नारा आज लोग भूल गए हैं लेकिन मैं नहीं भूला हूं।

उस समय बोला था कि मंदिर की आधारशिला रखी जा रही है। आज भव्यता के साथ श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन ठीक 31 वर्ष पूर्व 30 अक्टूबर व 2 नवम्बर को 1990 को अयोध्या के निहत्थे रामभक्तों पर गोली चलवाई गई थी। उस समय की तत्कालीन आततायी सरकार द्वारा लोगों को जय श्री राम नहीं बोलने दिया जा रहा था।

योगी ने कहा कि लोकतंत्र की ताकत बहुत मजबूत होती है, जो उस दौरान रामभक्तों के ऊपर गोलियां चलवाई थीं वह आज लोकतंत्र की ताकत के आगे झुके हुए हैं। कारसेवा जब भी चलेगी तो अब रामभक्तों के ऊपर गोलियों की नहीं बल्कि फूलों की वर्षा होगी। राम ने भक्तों को जोड़ा, शोषितों वंचितों को गले लगाया।

उन्होंने कहा कि आदर्श रामराज्य की परिकल्पना आज हम लोगों के सामने है। विगत साढ़े सात वर्षों के दौरान पीएम मोदी के नेतृत्व में जरूरतमंदों को आवास, शौचालय, बिजली का कनेक्शन, उज्जवला गैस मिला है। उन्होंने कहा कि पूरा देश और दुनिया कोरोना से त्रस्त है लेकिन मोदी के मार्गदर्शन में लोगों को भारत में कोरोना की टेस्टिंग, उपचार और राशन की व्यवस्था उपलब्ध कोरोना काल के दौरान कराई गई।

उन्होंने कहा कि कोरोना की वैक्सीन भारत में सभी लोगों को नि:शुल्क दिया गया है। रामराज्य की परिकल्पना इसी से साकार हो रही है जिसकी हम कल्पना कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पांचवी बार भगवान राम का राज्याभिषेक करने का हमें अवसर मिला है। इसके लिए मैं अपने-आप को बहुत धन्य मानता हूं।

उन्होंने कहा कि तीन देशों के राजदूत दीपोत्सव के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए हैं जो अपनत्व के साथ जुड़े हुए हैं। इससे हमारे सांस्कृतिक सम्बन्धों को और मजबूती मिलेगी। अयोध्या अब एक नयी सांस्कृतिक नगरी के रूप में उभर कर सामने आएगी।

उन्होंने कहा कि 2023 तक श्रीरामजन्मभूमि पर रामलला का भव्य मंदिर का निर्माण हो जाएगा जिसको दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है। भव्य राम मंदिर निर्माण का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ के जीर्णोद्धार में भी व्यापक वृद्धि हो रही है। उत्तर प्रदेश में पांच सौ मंदिरों का जीर्णोद्धार केन्द्र व प्रदेश की सरकार करा रही है।

योगी ने कहा कि कल तक जो पैसा पूर्ववर्ती सरकारों में कब्रिस्तान की बाउण्ड्री वाल में खर्च किया जाात था आज वही पैसा भाजपा सरकार में मंदिरों के पुन: निर्माण के लिए खर्च किया जा रहा है। हम पैसा धर्म, संस्कृति के उत्थान में खर्च कर रहे हैं। सप्त पुरियों में अयोध्या पहली पुरी है। इसका समग्र विकास हो यही मोदी की सोच है। भव्य मंदिर के साथ अयोध्या देश दुनिया में सबसे अच्छी आध्यात्मिक नगरी के रूप में उभर कर सामने आएगी।

देश और दुनिया के करोड़ों करोड़ लोग इस नगरी की ओर आकर्षित होंगे। यहां अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बन रहा है, अब साधु संतों को कथा प्रवचन इत्यादि करने के लिए देश विदेश से हवाई यात्रा द्वारा जा सकते हैं। यहां तक कि नौजवान भी अपना परीक्षा कौशल दिखाने के लिए विदेश जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अयोध्या त्रेता युग की दीपावली की ही नहीं त्रेता युग के विकास का साक्षी बन रहा है। राम की मर्यादा हमारा सबसे बड़ा कार्य है। जब भी हम लोगों ने धैर्य रखा है तो फल अवश्य मिला है।

योगी ने कहा कि नौ नवम्बर 2019 को सुप्रीमकोर्ट ने राम मंदिर का फैसला दिया था। उसके बाद से मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। राम की मर्यादा सबको जोडऩे की है। यह दीपोत्सव उत्साह, दिव्यता, भव्यता का आयोजन है। योगी ने कहा कि कोरोना काल के दौरान 15 करोड़ गरीब, जरूरतमंदों को फ्री में राशन दिया गया है। इस योजना को हमारी सरकार मार्च तक बढ़ा दिया है।

इससे पहले पुष्पक विमान रूपी हेलीकाप्टर से भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण, भरत का रामकथा पार्क में पदार्पण हुआ जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान का तिलक लगाकर उनका आरती पूजन कर राज्याभिषेक किया। पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी द्वारा मुख्य अतिथि योगी आदित्यनाथ का अंगवस्त्र ओढ़ाकर कोदण्ड राम की प्रतिमा भेंट कर स्वागत सत्कार किया।

इसके अलावा तिवारी ने त्रिनिडाड एवं टोबैगो, वियतनाम, केन्या के राजदूतों समेत अन्य अतिथियों का स्वागत सत्कार किया। मुख्यमंत्री द्वारा साधु संतों का स्वागत सम्मान किया गया। इस अवसर पर परम्परा, सांस्कृतिक विरासत, श्रीराम की अयोध्या और तीर्थोत्तमा अयोध्या की पुस्तक का विमोचन किया गया।

इस अवसर पर केन्द्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने भी सम्बोधित किया।

कार्यक्रम में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डा. महेन्द्र सिंह, भाजपा सांसद लल्लू सिंह, अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रुदौली विधायक रामचन्द्र यादव, बीकापुर विधायक शोभा सिंह चौहान, मिल्कीपुर विधायक गोरखनाथ बाबा, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास, दशरथ महल के बिंदुगाद्याचार्य व देवेन्द्र प्रसादाचार्य, जगद्गुरू स्वामी विद्याभास्कर, जगद्गुरू अनन्ताचार्य, जगद्गुरू श्रीधराचार्य, रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, डा. रामानन्द दास, उदासीन आश्रम के भरत दास, जगद्गुरू रामदिनेशाचार्य, महंत करुणा निधान शरण, महंत मैथिलीरमण शरण, महंत अर्जुन दास, महंत जयराम दास, महंत बलराम दास, महंत अवधेश दास, स्वामी राघवाचार्य, महंत सुखदेव दास, दिगम्बर अखाड़ा के सुरेश दास, विहिप संरक्षक दिनेशचन्द्र सहित तमाम संत-महंत व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।