आरएएस भर्ती परीक्षा 2018 में झुंझुनूं की मुक्ता राव टॉपर

झुंझुनूं/अजमेर। राजस्थान लोकसेवा आयोग (RPSC) ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) भर्ती परीक्षा 2018 के साक्षात्कार के बाद परिणाम मंगलवार देर रात जारी कर दिए जिसमें झुंझुनूं की मुक्ता राव ने पहला स्थान पाया हैं।

आरपीएससी ने देर रात टॉप दस अभ्यर्थियों की सूची जारी की जिसमें टोंक के मनमोहन शर्मा दूसरे और जयपुर की शिवाक्षी खांडल तीसरे स्थान पर रही जबकि झुंझुनूं के निखिल कुमार चौथे, जयपुर की वर्षा शर्मा पांचवें, जयपुर के ही यशवंत मीना छठे, अलवर के रवि कुमार गोयल सातवें, जालोर के बीनू देवाल आठवें, टोंक का विकास प्रजापत नौवें तथा नागौर क सिद़ार्थ संधू ने दसवां स्थान पाया।

आरपीएससी ने कोरोना के चलते लॉकडाउन से छूट मिलने के बाद साक्षात्कार आयोजित किए और भर्ती का परिणाम जारी कर दिया। आयोग ने 1051 पदों के लिए इस भर्ती प्रक्रिया का आयोजन किया था। इसमें नॉन टीएसपी क्षेत्र के 1014 और टीएसपी क्षेत्र के 37 पद शामिल हैं। परिणाम आयोग की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

स्वामी विवेकानंद की सोच से आगे बढ़ने से मिलती हैं सफलता : मुक्ता

राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) 2018 की परीक्षा के साक्षात्कार में पहला स्थान पाने वाली मुक्ता राव ने इस उपलब्धि के लिए अपने पति एवं ससुर को श्रेय दिया और कहा है कि स्वामी विवेकानंद की सोच पर आगे बढ़ने से सफलता मिलती है।

राज्य के झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे की रहने वाली और स्वतंत्रता सैनानी चौधरी रक्षपाल सिंह राव की पौत्री मुक्ता राव ने आरएएस परीक्षा के दूसरे प्रयास में ही पहली रैंक हासिल कर ली। अपनी उपलब्धि पर खुश नजर आ रही मुक्ता ने कहा कि उन्हें इस मुकाम तक लाने में बड़े बुजूर्गों के आशीर्वाद के साथ उनके पति डॉ. विजयपाल सिंह तथा ससुर मास्टर भंवरसिंह का बड़ा योगदान है।

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद की सोच के साथ आगे बढने से सफलता मिलती ही है। स्वामीजी ने कहा था कि लक्ष्य को जीए, सोचे, खाए, पीए, सभी में लक्ष्य सामने हो तो वो प्राप्त होगा ही। वह खुद 2007 में शादी के बाद से आईटी इंडस्ट्री में थी। जहां पर काफी पैसा था। लेकिन सोसायटी से जुड़ाव नहीं था। पहले उनके पति ने कई बार कहा कि तुम आईटी के लिए नहीं बल्कि सिविल सर्विसेज के लिए बनी हो।

वह खुद भी अपने दादा रक्षपाल सिंह राव को देखती तो समाज के लिए कुछ करने की तमन्ना थी। लेकिन वह तय नहीं कर पा रही थी। इसी दौरान उनके ससुर उसे सब छोड़कर सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए कहा। मुक्ता ने कहा कि उनका विश्वास देखकर मैंने भी ठान लिया और आज सफलता हासिल कर ली।

झुंझुनूं जिले गुढ़ागौड़जी के रहने वाले एवं इस परीक्षा में प्रदेश में चौथा स्थान पाने वाले निखिल कुमार पोद्दार के पिता हरिराम पोद्दार एक हार्डवेयर व्यापारी है। दसवीं में निखिल ने प्रदेश में 15वीं रैंक प्राप्त की तो वहीं 12वीं में उन्होंने कॉमर्स में प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया। 12वीं तक की पढाई गुढ़ा में ही करने के बाद वह बीकॉम करने के लिए कॉमर्स कॉलेज जयपुर में गए। इसके बाद उन्होंने सीए की तैयार की और सीए आईपीसीसी में देश में टॉप किया और 605 नंबर प्राप्त किए।

निखिल ने बताया कि वह शुरू से ही सिविल सर्विसेज में जाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने आरएएस परीक्षा दी और अब उनकी चौथी रैंक आई है। इस अवसर पर दोनों को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।