क्षत्रिय रावत परिषद का स्वाभिमान महासंगम, देशभर से जुटे रावत सरदार

राजसमंद। रावत-राजपूत समाज का स्वाभिमान व महासंगम नेशनल हाइवे आठ कामलीघाट चौराहे पर क्षत्रिय रावत परिषद के तत्वावधान में विश्व हिंदू परिषद केंद्रीय मंत्री उमाशंकर, सह परियोजना प्रमुख पृथ्वी सिंह भोजपुरा, सोपरा आयस महेंद्र गिरी महाराज, ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत, संस्थापक सतवीर सिंह लगेतखेड़ा, नारायण लाल उपाध्याय, सरंक्षक मदन सिंह शाहपुरा, संपादक भगवान सिंह के सान्निध्य में आयोजित किया गया।

महासंगम में राजस्थान समेत देशभर से हजारों रावत सरदारों ने भाग लिया एवं एक स्वर में शपथ ली कि रावत-राजपूत समाज के स्वाभिमान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। समाज के गौरव को याद करते हुए देश की सीमा पर बहा हुआ खून, हमारे को गौरवान्वित करता है और इससे हमारे देश की सीमाएं सुरक्षित है।

इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री उमा शंकर ने रावत समाज में हो रहे धर्मांतरण पर चिंता जाहिर करते हुए पृथ्वीराज चौहान के वंशजों के स्वाभिमान को जगाने का आह्वान किया। समाज निरन्तर प्रगतिशील हो रहा है, समाज की एकता को कायम करते हुए सकारात्मक कार्य करने की बात कही। क्षत्रिय रावत परिषद धर्म रक्षक के रूप में काम कर रही है। इसके कार्य को व्यापक रूप देना होगा।

विश्व हिंदू परिषद के सह परियोजना प्रमुख पृथ्वी सिंह भोजपुरा ने आव्हान करते हुए रावत समाज को आसुरी शक्ति से लड़ने के तैयार रहने की बात की। उन्होंने कहा कि क्षत्रित्व का जागरण करने का लक्ष्य हमें पूरा करना होगा। शेर के समान दहाड़ करनी होगी। प्रदेशाध्यक्ष आनंद सिंह सुरडिया ने रावत समाज के गौरव को चीर स्थाई बनाने हेतु एकजुट होकर, समाज के उत्थान, समाज के गौरव के लिए निरन्तर कार्य करने का आह्वान किया।

संस्थापक सतवीर सिंह लगेतखेडा ने स्वागत देते हुए क्षत्रिय रावत परिषद संगठन के उद्देश्य बताए तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। प्रदेश संयोजक राजेंद्र सिंह नौलखा ने संबोधित करते हुए कहा कि समाज कई विचार धाराओं में बंटा हुआ है यदि हम एकजुट नहीं हुए तो भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

इस अवसर पर सरंक्षक जयेंद्र सिंह टोगी, संपादक भगवान सिंह, जसवन्त सिंह मण्डावर, कमांडो फोर्स अध्यक्ष विक्रांत सिंह, गिरधारी सिंह बरजाल, संगठन मंत्री दिनेश सिंह सुजावत, सीताराम सिंह किशनगढ़, महेंद्र सिंह बुबानी, मोहन सिंह काछबली, नारायण लाल उपाध्याय, मूल सिंह कुंडेली, जयराम सिंह भींडर, फतह सिंह जवतरा, चाप सिंह कामली ने संबोधित किया। संचालन प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री भगवान सिंह सुजावत, जसवन्त सिंह मण्डावर व गिरधारी सिंह बरजाल ने किया।

स्वाभिमान यात्राओं का हुआ महासंगम

रावत-राजपूत समाज के स्वाभिमान को पुनर्जीवित करने के लिए रावत-राजपूत समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से स्वाभिमान यात्राएं निकली और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बनाते हुए संगम स्थली कामलीघाट पहुंची। पहली स्वाभिमान यात्रा नरवर अजमेर से पृथ्वीराज चौहान स्वाभिमान यात्रा, बर से नाहरदेव (नरा) रावत स्वाभिमान यात्रा,बदनोर से मां बैराठ स्वाभिमान यात्रा, ब्यावर से मां आशापुरा स्वाभिमान यात्रा, चारभुजा गढ़बोर से विहल रावत स्वाभिमान यात्रा निकली और वह विभिन्न शहरों पुष्कर, अजमेर, खरवा, ब्यावर, सेंदड़ा, जवाजा, जस्साखेड़ा, भीम, बरार, देवगढ़, गोमती चौराया, दिवेर, सोजत, मारवाड़ जंक्शन, जोजावर होते हुए कामलीघाट पहुंची। समारोह में राजस्थान समेत गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, मध्य प्रदेश के हजारों पदाधिकारी मौजूद थे।

क्षत्रिय रावत सम्मान से किया सम्मानित

क्षत्रिय रावत परिषद के द्वारा समाज में उत्कृष्ट कार्य करने पर दिव्यांग इतिहासकार गोविंद सिंह भागावड, शराबबंदी में उत्कृष्ट कार्य करने पर मंडावर सरपंच प्यारी रावत, जिला परिषद सदस्य हीरा कंवर चौहान, रेत का जादूगर अजय रावत पुष्कर, सोशल मीडिया पर समाज के प्रसार में अतुल्य योगदान पर राजेश सिंह अजमेर, टीकम सिंह पुलिस प्रशासन में राष्ट्रपति अवार्ड मिलने से को क्षत्रिय रावत सम्मान देकर सम्मानित किया गया।

इन्होंने की शिरकत

क्षत्रिय रावत परिषद के द्वारा आयोजित स्वाभिमान महासंगम में कमांडो फोर्स अध्यक्ष विक्रांत सिंह, मीडिया प्रभारी भगवान सिंह सनवा, सरपंच संघ अध्यक्ष जयेंद्र सिंह टोगी, जसवन्त सिंह मण्डावर, नारायण सिंह बग्गड, नरेंद्र सिंह पिपली, लूम्ब सिंह मण्डावर, सिद्धार्थ सिंह कालिंजर, पटवार संघ जिलाध्यक्ष मिट्ठू सिंह मण्डावर, निर्मल सिंह भीम, राजू सिंह सतदुरु, तेजपाल सिंह पिपली, राजेश सिंह अजमेर, ज्ञानेंद्र सिंह गहलोत, पृथ्वी सिंह सिरियारी, मंगल सिंह बगड़ी, सूबेदार ओंकार सिंह थोरिया, सोहन सिंह ऊंडावासन, मदन सिंह काछबली, सूबेदार डुंगरसिंह, लक्ष्मण सिंह नाबरी, तेजपालसिंह पिपली, प्रवीण सिंह पिपली, कमल सिंह लबुरी, चेतन सिंह पायरी, दुर्ग सिंह मारवाड़, जय सिंह कड़ीवाल आदि उपस्तिथ थे।