विधायक सुरेश सिंह के खिलाफ रावत समाज ने सौंपा एसपी को ज्ञापन

अजमेर। पुष्कर विधायक एवं संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत के खिलाफ उनके ही समाज के लोग लामबंद होने लगे हैं। बीते दिनों पुष्कर में आयोजित समाज के प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए हंगामें के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए बुधवार को पुलिस अधीक्षक को उचित कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन सौंपा।

प्रदेशाध्यक्ष शैतान सिंह रावन के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि रावत महासभा पुष्कर की ओर से रावत मंदिर प्रांगण में 9 सितंबर को हर साल की तरह समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान समारोह चल रहा था।

समाज के संविधान के अनुसार समाज की जाजम पर कोई छोटा या बडा नहीं है, समाज के संविधान में समाज के किसी भी व्यक्ति को उसके राजनीतिक पद से नहीं अपितु समाज के प्रति उसकी समर्पण भावना से याद किया जाता है। समाज का व्यक्ति खुले मंच पर समाज के कार्यक्रमों में बिना निमंत्रण के आने का हक रखता है।

कार्यक्रम में समाज के किसी भी व्यक्ति को उनके राजनीतिक पद से निमंत्रण देते हुए नहीं बुलाया गया। यही बात पुष्कर विधायक एवं संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत को नागवार गुजरी और उन्होंने समाज और गैर समाज के कुछ लोगों को एक दिन पहले अपने निवास पर बुलाकर समाज के कार्यक्रम में खलल डालने का घटिया प्लान बना लिया।

एक तरफ सरकार बेटी बचाओं अभियान को पूरे जोर शोर से चला रही है, जबकि इसके विपरीत विधायक रावत ने समाज की प्रतिभावान बेटियों पर समाज व गैर समाज के कंटकों द्वारा हमला कराकर उनके जान माल को क्षति पहुंचाने की कोशिश की है।

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि करीब दो माह पहले रावत समाज महासभा के चुनाव संपन्न हुए थे। जिसमें पुष्कर विधायक अपने चहेते उम्मीदवार को प्रदेशाध्यक्ष बनाना चाहते थे।छाफ छवि नहीं होने के कारण समाज ने उस उम्मीदवार के नकारते हुए डॉ शैतान सिंह रावत को चुन लिया। इस बात से विधायक रावत बौखलाए हुए हैं तथा घटिया राजनीतिक पैतरे इस्तेमाल कर व गुंडागर्दी का रास्ता अपनाया जिससे समाज का प्रत्येक व्यक्ति आहत है।

पुष्कर में प्रतिभावान सम्मान समारोह की शुरुआत होने के लगभग दो घंटे बाद विधायक रावत के भेजे गए कुछ लोगों ने आयोजन स्थल मंदिर प्रांगण में प्रवेश किया व नारेबाजी शुरू कर उपद्रव मचाने लगे। सोची समझी साजिश को अंजाम देने के लिए उनके साथ कुछ समाज के ही नौजवान व गैर समाजिक लोग भी अंदर आगए। उन्हें प्रतिभावान विद्यार्थियों की ओर बढता देखकर समाज के लोगों ने रोकने का प्रयास किया लेकिन वे उग्र हो गए।

समाज के प्रतिभावान छात्र जिस लॉबी में थे की सुरक्षा करना समाज के लोगों की थी। समझदार लोगों ने प्रतिभावान विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर उपद्रवियों को बाहर की ओर जबरन खदेडा। जिसके कारण अफरा तफरी का माहौल बन गया। कुछ उपद्रवी भागते समय गिरकर हल्की चोटों का भी शिकार हो गए।

समारोह स्थल से जाने के बाद उपद्रवियों ने पुष्कर थाने में एक झूंठा मुकदमा समाज के प्रतिष्ठित लोगों, कपालेश्वर महादेव मंदिर मठ पुष्कर के महंत सेवानंद गिरि महाराज, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों व समाज के प्रदेशाध्यक्ष के खिलाफ दर्ज करवा दिया। पुष्कर विधायक का असली रूप तो तब सामने आया जब वे उपद्रवियों के साथ उनकी छोटी मोटी चोटों का प्राथमिक उपचार कराते हुए जवाहर लाल नेहरू चिकित्साल में देखे गए।

मुकदमा दर्ज होने के दिन ही पुष्कर थानाधिकारी ने बिना जांच किए पुलिस भेजकर समाज के एक व्यक्ति को रात 12 बजे घर से उठाकर थाने बुला लिया। इससे स्पष्ट हो गया कि विधायक रावत के दबाव में थानाधिकारी यह कार्रवाई की। थानाधिकारी की इस कार्रवाई से पूरा रावत समाज आहत है तथा रोष व्याप्त है।

विधायक रावत ने समाज के कार्यक्रम में खल डाला है साथ ही समाज को तोडने की कोशिश की है। समस्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए प्रकरण को तत्काल निरस्त कराने की कृपा करावे तथा प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच किसी ईमानदार पुलिस अधिकारी को सौंपी जाए। दोषी लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने के समय बडी संख्या में रावत के समाज के उपस्थित थे।