आयकर चोरी की जानकारी देने वालों को पांच करोड़ तक का ईनाम

आयकर चोरी की जानकारी देने वालों को पांच करोड़ तक का ईनाम
आयकर चोरी की जानकारी देने वालों को पांच करोड़ तक का ईनाम

नयी दिल्ली | आयकर विभाग ने कालेधन का पता लगाने और कर चोरी के मामलों में कमी लाने के उद्देश्य से नयी
योजना ‘अायकर भेदिया ईनाम स्कीम 2018’ शुरू करने की घोषणा की है जिसमें आयकर चोरी की जानकारी देने वालों को 50 लाख रुपये तक तथा विदेशों में आय जमा करने या संपत्ति के बारे में जानकारी देने वालों को पांच करोड़ रुपये का ईनाम मिलेगा।

विभाग ने आज यहां बताया कि यह योजना वर्ष 2007 में शुरू किये गये स्कीम के स्थान पर लायी गयी है। उसने कहा कि संशोधित स्कीम के तहत उस व्यक्ति काे 50 लाख रुपये तक का ईनाम दिया जायेगा जो बड़ी मात्रा के आयकर चोरी या संपत्ति अर्जित करने के बारे में विभाग के जांच निदेशालय के नामित अधिकारियों को विशेष जानकारी देगा और जिस पर आयकर कानून 1961 के तहत कार्रवाई की जा सकती हो।

सरकार ने कालेधन का पता लगाने के लिए कालाधन (अघोषित विदेशी आय एवं संपत्ति) एवं कराधान कानून 2015 को लागू किया है जिसके तहत भारत में कर चुकाने वालों द्वारा विदेशों में अर्जित संपत्ति की जांच करने , उस पर कर वसूलने के साथ ही जुर्माना लगाने और कानूनी कार्रवाई किये जाने का प्रावधान है। इस कानून के तहत आय और संपत्ति के बारे में जानकारी देने वालों को नयी योजना के तहत पांच करोड़ रुपये तक का ईनाम मिलेगा।

विभाग ने कहा है कि ईनामी राशि अधिक रखी गयी है ताकि विदेशों से सूचना देने वालों को आकर्षित किया जा सके। इस योजना के तहत भारत में कर चुकाने वालों द्वारा विदेशों में बड़ी मात्रा में आयकर चोरी करने या संपत्ति अर्जित करने के बारे में विशेष सूचना देने वालों को यह ईनाम दिया जायेगा। इस योजना के तहत आयकर विभाग के महानिदेशक (जांच ) या उसके द्वारा अधिकृत अधिकारी को विशेष सूचना देने वालों को ईनाम दिया जायेगा। इसके तहत विदेशी नागरिकों को ईनाम दिया जा सकता है और जानकारी देने वालों के बारे में किसी को नहीं बताया जायेगा और यह बहुत ही गोपनीय रखा जायेगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी आयकर विभाग के कार्यालयों और उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।