लालू यादव के लौटते ही राजग में सीट बंटवारे को लेकर जारी सियासी सरगर्मी और तेज

RJD Chief Lalu Prasad returns to Patna after treatment from Mumbai

पटना। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में आगामी लोकसभा के चुनाव में सीटों के बंटवारे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेहरे को लेकर चल रही सियासी सरगर्मी सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के यहां पहुंचने से और तेज हो गई।

राजद के मुख्य प्रवक्ता और विधायक भाई विरेन्द्र ने बताया कि यदि राजग वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में कुमार के चेहरे को लेकर मैदान में उतरता है तो उसकी लुटिया डूबनी तय है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जब कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड अकेले चुनाव लड़ी थी तो सिर्फ दो सीटों पर ही उसे संतोष करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि कुमार के चेहरे की आजमाइश हो चुकी है।

विधायक ने कहा कि विधानसभा की तीन और लोकसभा की एक सीट पर हाल ही में हुए उप चुनाव में जदयू की करारी हार हुई और जनता ने कुमार के चेहरे को नकार दिया है। ऐसे में कुमार के चेहरे पर राजग चुनाव में कैसे उतर सकती है। उन्होंने कहा कि 2015 के विधानसभा चुनाव में राजद अध्यक्ष यादव के दम पर जदयू को 71 सीट मिली थी नहीं तो यहां भी उसे मुंह की खानी पड़ती।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री कुमार जनता की ‘मजिस्ट्रेट चेकिंग’ में पकड़े गए हैं और उन्हें जनता कभी माफ करने वाली नहीं है। कुमार का जनाधार अब समाप्त हो गया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2019 में महागठबंधन के नेतृत्व में केन्द्र में सरकार बनेगी वहीं बिहार में 2020 के विधानसभा चुनाव में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बननी तय है।

वहीं जदयू के प्रदेश प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में राजग देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती के साथ लड़ेगा जबकि बिहार में कुमार और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे को लेकर मैदान में उतरेगा। राजग का एक ही लक्ष्य है केन्द्र में फिर से मजबूत सरकार का गठन करना।

आलोक ने कहा कि सीटों के मुद्दों को लेकर राजग के घटक भारतीय जनता पार्टी, जदयू, लोक जनशक्ति पार्टी और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के बीच अभी बातचीत नहीं हुई है। सीट बंटवारे का मुद्दा घटक दल के वरिष्ठ नेताओं द्वारा सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सच्चाई है कि पिछले चुनाव में जदयू 25 सीट पर और भाजपा 15 सीट पर लड़ी थी लेकिन आज राजग में दलों की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि इसलिए सीटों का फॉर्मूला तय होगा और चारों दलों की सम्मानजनक स्थिति रहेगी।

जदयू के ही वरिष्ठ नेता एवं भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी और उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री कुमार का चेहरा ही मान्य है और अभी तक प्रदेश में सरकार बनाते रहे हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सीटों का बंटवारा कोई मुद्दा नहीं है और राजग के घटक दल के वरिष्ठ नेता मिलकर तय कर लेंगे।

उल्लेखनीय है कि राजद अध्यक्ष यादव मुंबई में दृदय रोग का इलाज कराकर 13 दिन बाद आज पटना लौटे हैं। यादव 22 मई को इलाज कराने मुंबई गए थे। चारा घोटाले के मामले में सजायाफ्ता यादव को झारखंड उच्च न्यायालय से उन्हें इलाज कराने के लिए छह सप्ताह की प्रोविजनल जमानत मिली है।