राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव 6 हजार रुपए जुर्माना भरने के बाद बरी

रांची। झारखंड में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने आज दोष स्वीकार किया लेकिन 6 हजार रुपए जुर्माना भरने के बाद उन्हें मामले से बरी कर दिया गया।

मेदिनीनगर,पलामू जिला व्यवहार न्यायालय के एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट के मजिस्ट्रेट सतीश कुमार मुंडा की अदालत ने आज राजद सुप्रीमो व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को जी आर केस नंबर 2676 / 2021 के मामले में डेढ़ माह की सजा व छह हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।

यादव यह सजा पहले ही काट चुके हैं इसलिए आज उन्हें जुर्माना भरने के बाद रिहा कर दिया गया। इस मामले में गढ़वा के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी सुभाष सिंह ने लालू प्रसाद यादव व हेलीकॉप्टर के चालक के विरुद्ध गढ़वा थाना में नामजद प्राथमिकी गढ़वा थाना कांड संख्या 101/2009 तिथि 7 अप्रैल 2009 को दर्ज कराया था।

यादव पर आरोप था कि दिनांक 7 अप्रैल 2009 को 12:53 बजे दिन में गढ़वा गोविंद हाई स्कूल के मैदान में वे बिना अनुमति के राष्ट्रीय जनता दल के आम सभा में हेलीकॉप्टर उतारे थे तथा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किए थे। इस मामले में लालू प्रसाद यादव ने आज अदालत में अपना दोष स्वीकार किया। अदालत ने लालू प्रसाद यादव को डेढ़ माह की सजा वह 6 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

विदित हो कि लालू प्रसाद यादव डेढ़ माह की सजा इस मामले में पूर्व में ही काट चुके हैं। आज उन्होंने न्यायालय में जुर्माना की राशि 6 हजार रुपए जमा की। इसके बाद उन्हें इस केस से मुक्त किया गया। लालू प्रसाद यादव इस मामले में मार्च 2018 से मई 2018 तक सजा पूर्व में ही काट चुके हैं।

लालू प्रसाद यादव के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 188, 279 ,290 ,291 / 34,व 127 (3)आरपी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। लालू प्रसाद यादव की ओर से अधिवक्ता धीरेंद्र प्रसाद सिंह ने पैरवी की। वहीं सरकार की ओर से एपीपी अविनाश शुक्ला सरकार की ओर से पक्ष रखा। इधर न्यायालय के बाहर लालू प्रसाद यादव के समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। लालू प्रसाद यादव को दीदार करने के लिए लोगों की निगाहें टिकी रही।