हिटमैन रोहित शर्मा का शतक, भारत का सीरीज पर कब्ज़ा

Rohit Sharma achieves personal records in third T20I against England

ब्रिस्टल। हिटमैन के नाम से मशहूर ओपनर रोहित शर्मा की नाबाद 100 रन की जबरदस्त शतकीय पारी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को तीसरे और निर्णायक ट्वंटी 20 मुकाबले में रविवार को एकतरफा अंदाज में सात विकेट से पीटकर इंग्लिश जमीन पर पहली बार ट्वंटी 20 सीरीज जीत ली। भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती।

इंग्लैंड ने ओपनर जैसन रॉय के चार चौकों और सात छक्कों से सजे आतिशी 67 रन की बदौलत नौ विकेट पर 198 रन का मजबूत स्कोर बनाया लेकिन रोहित के नाबाद शतक से यह स्कोर बौना साबित हो गया।

भारत ने 18.4 ओवर में तीन विकेट पर 201 रन बनाकर मैच और सीरीज अपने नाम कर ली। मैन ऑफ द मैच रोहित ने 56 गेंदों पर नाबाद 100 रन की मैच विजयी पारी में 11 चौके और पांच छक्के उड़ाए।

कप्तान विराट कोहली ने 29 गेंदों में दो चौके और दो छक्के लगते हुए 43 रन ठोके जबकि इंग्लैंड की पारी में चार विकेट लेने वाले हार्दिक पांड्या ने मात्र 14 गेंदों पर नाबाद 33 रन में चार चौके और दो छक्के उड़ाए। पांड्या ने भारत के लिए क्रिस जॉर्डन की गेंद पर विजयी छक्का मारा।

भारत की यह लगातार पांचवीं ट्वंटी 20 सीरीज जीत है। भारत ने इससे पहले न्यूजीलैंड, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका और आयरलैंड को हराया था। भारत की इंग्लैंड की जमीन पर यह पहली ट्वंटी 20 सीरीज जीत है। निर्णायक मैच में इस जीत का श्रेय पूरी तरह रोहित को जाता है जिन्होंने ट्वंटी में न केवल अपने 2000 रन पूरे किये बल्कि अपना तीसरा ट्वंटी 20 शतक भी बनाया।

भारत ने मजबूत लक्ष्य का पीछा करते हुए शिखर धवन को तीसरे ओवर में 21 के स्कोर पर गंवाया। शिखर पांच रन ही बना सके। रोहित ने एक छोर से मजबूती के साथ बल्लेबाजी करते हुए लोकेश राहुल के साथ दूसरे विकेट के लिए 41 रन की साझेदारी की। पहले मैच में शतक बनाने वाले राहुल ने 10 गेंदों में एक चौके और दो छक्कों की मदद से उपयोगी 19 रन बनाये। भारत का दूसरा विकेट 62 के स्कोर पर गिरा।

रोहित का साथ देने मैदान पर उतरे कप्तान विराट कोहली ने एक बार शानदार बल्लेबाजी की लेकिन वह लगातार दूसरे मैच में अर्धशतक बनाने से चूक गए। रोहित और विराट ने तीसरे विकेट के लिए 89 रन की बेशकीमती साझेदारी कर भारत को जीत की राह पर डाल दिया।

रही सही कसर रोहित और पांड्या ने चौथे विकेट के लिए मात्र 3.5 ओवर में अविजित 50 रन ठोककर पूरी कर दी। भारत ने आठ गेंद पहले ही मैच समाप्त कर दिया। इंग्लैंड की तरफ से डेविड विली, जेक बॉल और जॉर्डन ने एक एक विकेट लिया। रोहित को मैन ऑफ द मैच के साथ साथ मैन ऑफ द सीरीज भी घोषित किया गया।

इससे पहले भारतीय कप्तान विराट ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया और तेज गेंदबाज दीपक चाहर को अपना अंतर्राष्ट्रीय करियर शुरू करने का मौका दिया। भारत और चाहर के पहले ओवर में जोस बटलर ने तीन चौके मारे जिसके बाद तो इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने चौके और छक्के उड़ाने का जो सिलसिला शुरू किया वह पारी के अंत तक चलता रहा। इंग्लैंड ने इस छोटे मैदान पर बड़ा स्कोर बनाया लेकिन उसका बचाव नहीं कर पाए।

रॉय काफी खतरनाक साबित हुए और उन्होंने मात्र 31 गेंदों पर 67 रन में चार चौके और सात छक्के लगाए। रॉय के 58 रन तो सिर्फ बॉउंड्री से बने। बटलर ने 21 गेंदों पर 34 रन में सात चौके लगाए। रॉय और बटलर ने पहले विकेट के लिए मात्र 7.5 ओवर में 94 रन ठोके।

एलेक्स हेल्स ने 24 गेंदों पर 30 रन में तीन चौके और दो छक्के लगाए। जॉनी बेयरस्टो ने 14 गेंदों पर 25 रन में दो चौके और दो छक्के उड़ाए। इंग्लैंड की पारी में कुल 19 चौके और 12 छक्के लगे।

इंग्लिश बल्लेबाजों के प्रहारों के बीच भारतीय विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे पांच कैच लपककर अफगानिस्तान के मोहम्मद शहजाद के 2015 के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। धोनी ने एक बल्लेबाज को अपने सीधे थ्रो से रन आउट भी किया। इन पांच में से तीन कैच तो आलराउंडर हार्दिक पांड्या की गेंदों पर थे।

पांड्या 38 रन पर चार विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे। सिद्धार्थ कौल ने 35 रन पर दो विकेट, चाहर ने 43 रन पर एक विकेट और उमेश यादव ने 48 रन पर एक विकेट लिया।

धोनी ने की विश्व रिकॉर्ड की बराबरी

भारतीय विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने ट्वंटी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में विकेट के पीछे सर्वाधिक पांच शिकार करने के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक ट्वंटी 20 मुकाबले में रविवार को विकेट के पीछे पांच कैच लपके और इसके साथ ही उन्होंने विकेट के पीछे अपने 50 कैच भी पूरे कर लिए।

पूर्व कप्तान धोनी ने विकेट के पीछे पांच कैच लपककर अफगानिस्तान के मोहम्मद शहजाद के 2015 के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। शहजाद ने नवम्बर 2015 में ओमान के खिलाफ अबु धाबी में विकेट के पीछे पांच शिकार किये थे जिसमें तीन कैच और दो स्टम्पिंग शामिल थी।

धोनी ने एक बल्लेबाज को अपने सीधे थ्रो से रन आउट भी किया। इन पांच में से तीन कैच तो आलराउंडर हार्दिक पांड्या की गेंदों पर थे।