आहोर के 22 गांवों के लिए 15 करोड़ रुपए स्वीकृत होंगे

जालोर। राजस्थान के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री सुरेन्द्र गोयल ने कहा कि आहोर विधान सभा क्षेत्र के 22 गांवों में पेयजल व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के लिए जल्द ही क्लस्टर वितरण प्रणाली के तहत 15 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की जाएगी।

गोयल ने मंगलवार को विधानसभा के प्रश्नकाल में विधायक शंकर सिंह राजपुरोहित के प्रश्न का जवाब देे हुए कहा कि क्षेत्र में ईआर क्लस्टर के तहत 256 गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 556 करोड़ रुपए की योजना का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है और इसकी रिपोर्ट आने के बाद वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ईआर क्लस्टर वितरण प्रणाली के माध्यम से 121 गांवों तक पेयजल उपलब्ध कराने की योजना को आगामी 21 मार्च, 2019 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि सरकार आमजन को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। इस योजना को जल्द से जल्द पूरा करवाने के प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सतही जल स्रोत नर्मदा नहर आधारित परियोजनाओं से जालौर जिले के वर्ष 2001 की जनगणनानुसार कुल 697 ग्रामों को लाभान्वित करने के लिए चार आधारभूत परियोजनाएं स्वीकृत की गईं थी। इनमें से सिल्लू-जैसला-भाटकी आधारभूत परियोजना के कार्य 31 अगस्त, 2008 को पूर्ण कर सांचौर के 22 ग्रामों की निवर्तमान प्रणाली से जोड़कर लाभान्वित किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि जिला जालौर के शेष रहे 675 ग्रामों में 419 ग्रामों के लिए कलस्टर वितरण प्रणाली की तीन योजनाएं विभाग द्वारा स्वीकृत की गई हैं। इनमें से विधान सभा क्षेत्र, जालौर के 14 ग्रामों की कलस्टर वितरण प्रणाली की योजना पूर्ण की जाकर इन ग्रामों को लाभान्वित किया जा चुका है।

405 ग्रामों की स्वीकृत कलस्टर परियोजनाओं का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। इनमें से 40 ग्रामों को एफ.आर. आधारभूत पेयजल परियोजना से तथा 18 ग्रामों को डी.आर. आधारभूत पेयजल परियोजना से अस्थाई रूप से जोड़ा जा चुका है।