अरुण जेटली की कुशक्षेम जानने RSS प्रमुख समेत कई नेता पहुंचे एम्स

नई दिल्ली। बीते 10 दिनों से राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का हालचाल जानने वालों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा।

रेल मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे, उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान, दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत आज एम्स पहुंचकर जेटली का हाल जाना।

चौबे पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद एम्स के उस ब्लॉक को भी देखने गए, जहां कल शाम भीषण आग लगी थी।

पासवान ने ट्वीट करके कहा कि आज अपराह्न दो बजे मैं जेटली के स्वास्थ्य की जानकारी लेने एम्स गया था। मैंने उन चिकित्सकों से भी मुलाकात की, जो जेटली का इलाज कर रहे हैं।

केजरीवाल भी जेटली के स्वास्थ्य का हाल जानने एम्स गए और उनके शीघ्रता से स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने साथ ही अस्पताल के उस ब्लॉक का दौरा किया, जहां आग लगी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि आग से एम्स की इमारत को कितनी क्षति हुई है। उनके साथ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद थे।

केजरीवाल ने बाद में ट्वीट किया कि अरुण जेटली को देखने (एम्स) गया। मैं ईश्वर से उनके अच्छे स्वास्थ्य और यथाशीघ्र ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने आग से क्षतिग्रस्त ब्लॉक का मौका-ए-मुआयना करने के बाद कहा कि पुलिस और एम्स प्रशासन की तरफ से जांच की जा रही है कि फौरी तौर पर अस्पताल की आग बुझाने वाली व्यवस्था ने किस तरीके से काम किया है।

उन्होंने कहा कि जो अस्पताल दिल्ली सरकार के अंतर्गत आते हैं वहां भी आग बुझाने की अच्छी व्यवस्था बनाने की कोशिश की जायेगी। उन्होंने कहा कि अभी आग लगने के कारणों के बारे में मैं कुछ नहीं बता सकता हूं। हां, यह जरूर है कि इस बात की जांच होगी कि आग बुझने के बाद भी यह इमारत कितनी सुरक्षित है?

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पिछले कई दिनों से श्वांस लेने में परेशानी के कारण एम्स की सघन चिकित्सा इकाई में भर्ती हैं।

गौरतलब है कि शनिवार को एम्स में लगी भीषण आग पर काबू पा लिया गया है। सभी मरीज सुरक्षित हैं। यह आग कल शाम करीब 4.50 बजे आपातकालीन वार्ड के पास शिक्षण ब्लॉक की पहली और दूसरी मंजिल पर लगी थी।

आग लगने की शुरूआती वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही थी, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में आग लगने की वजह एसी कंप्रेसर का फटना बताया जा रहा है। आनन-फानन में अस्पताल के मरीजों को सरफदगंज और दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन दूसरी मंजिल पर लगी आग से वहां स्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग की वायरोलॉजी यूनिट पूरी तरह से खाक हो गई। इसी यूनिट में मरीजों के जांच के नमूने और मेडिकल रिपोर्ट रखी गई थी।