प्रस्तावित बदलावों से बेकार हो जायेगा आरटीआई कानून : राहुल गाँधी

RTI laws: Rahul Gandhi will be useless by proposed changes
RTI laws: Rahul Gandhi will be useless by proposed changes

नयी दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून में सरकार द्वारा प्रस्तावित बदलावों को ‘सच छुपाने’ की कोशिश बताते हुए आज कहा कि इससे यह कानून बेकार हो जायेगा और लोगों को इसका विरोध करना चाहिये।

गाँधी ने ट्विटर पर एक पोस्ट संलग्न किया है जिसमें लिखा है, “हर भारतीय को सच जानने का हक है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मानना है कि सच लोगों से छुपाना अनिवार्य है और सत्ता में मौजूद लोगों पर सवाल नहीं उठाये जाने चाहिये। आरटीआई में प्रस्तावित बदलावों से यह कानून बेकार हो जायेगा। हर भारतीय को इसका विरोध करना चाहिये।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने यह पोस्ट ऐसे समय में किया है जब सरकार संसद के मौजूदा मानसून सत्र में आरटीआई कानून में बदलाव के लिए विधेयक ला रही है।
आरटीआई एक्टिविस्ट भी कानून में संशोधन का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि अभी मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्तों का कार्यकाल पाँच साल तय है। संशोधन विधेयक में इसे बदलकर उनका कार्यकाल “जब तक केंद्र सरकार चाहे” करने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार का बदलाव राज्य सूचना आयुक्तों के कार्यकाल में भी करने का प्रावधान है।

इसके अलावा मुख्य सूचना आयुक्त तथा राज्य सूचना आयुक्तों का वेतन और भत्ते तय करने का अधिकार भी केंद्र सरकार को देने का प्रावधान भी संशोधन विधेयक में है। वर्तमान समय में उनके वेतन और भत्ते क्रमश: मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा चुनाव आयुक्त के बराबर होते हैं।